बरसों पुरानी जलजमाव और खराब सड़क की समस्या के समाधान की पहल
पाकुड़ नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड नंबर 11 अंतर्गत स्थित कैलाशनगर में लंबे समय से चली आ रही सड़क एवं जलजमाव की समस्या के समाधान को लेकर अब प्रशासनिक स्तर पर गंभीर पहल शुरू हो गई है। क्षेत्र के विकास कार्यों का निरीक्षण करने स्वयं नगर परिषद पाकुड़ के कार्यपालक पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार चौधरी पहुंचे, जहां उन्होंने चल रहे सड़क एवं नाली निर्माण कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों ने भी क्षेत्र की समस्याओं और आवश्यकताओं को अधिकारियों के समक्ष रखा।
इस दौरान वार्ड क्षेत्र की निर्वाचित प्रतिनिधि वार्ड पार्षद निभा देवी भी मौजूद रहीं और उन्होंने इलाके में विकास की आवश्यकता तथा भविष्य की योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कई महत्वपूर्ण स्थलों का दौरा कर संभावित योजनाओं पर विचार-विमर्श किया।
सड़क और नाली निर्माण कार्य का हुआ निरीक्षण
निरीक्षण के क्रम में कैलाशनगर मोहल्ले में चल रहे सड़क एवं नाली निर्माण कार्य का बारीकी से अवलोकन किया गया। कार्यपालक पदाधिकारी ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, जल निकासी की व्यवस्था तथा सड़क की उपयोगिता को लेकर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
स्थानीय लोगों ने बताया कि वर्षों से क्षेत्र में बरसात के दिनों में सड़कें जलमग्न हो जाती थीं, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। कई बार घरों तक पानी पहुंच जाने से लोगों का जनजीवन प्रभावित होता था। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को विशेष रूप से कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
अब नगर परिषद द्वारा शुरू किए गए विकास कार्यों से लोगों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं का समाधान होगा।
महानाला निर्माण की योजना पर हुआ विचार
निरीक्षण के दौरान सबसे महत्वपूर्ण चर्चा कैलाशनगर से ईशाकपुर तक महानाला निर्माण को लेकर हुई। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने माना कि बरसात के दौरान क्षेत्र में जलजमाव की सबसे बड़ी वजह वर्षा जल की उचित निकासी नहीं होना है।
इसी को ध्यान में रखते हुए प्रस्तावित योजना के तहत ऐसा महानाला बनाने की तैयारी की जा रही है, जिससे बरसात का पानी सीधे बाहर निकल सके और मोहल्ले में प्रवेश न कर पाए। अधिकारियों का मानना है कि यदि यह योजना धरातल पर उतरती है तो आने वाले समय में कैलाशनगर को जलजमाव की समस्या से बड़ी राहत मिल सकती है।
इसके अलावा क्षेत्र के कई हिस्सों में पुरानी नालियों के गहरीकरण एवं चौड़ीकरण की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई। विशेष रूप से सूजेश सिंह, मोनू जायसवाल एवं राजेश प्रसाद के घर की ओर जाने वाली नाली को अधिक चौड़ा और गहरा करने का प्रस्ताव रखा गया, ताकि पानी का बहाव सुचारू रूप से हो सके।
पथ निर्माण और अन्य आधारभूत सुविधाओं पर जोर
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने क्षेत्र में नई सड़क निर्माण योजना पर भी विचार किया। कई गलियों में अब भी कच्चे रास्ते एवं जर्जर सड़कें लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं।
वार्ड पार्षद निभा देवी ने कहा कि उनके प्रयास का मुख्य उद्देश्य केवल एक-दो योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे वार्ड को व्यवस्थित और विकसित स्वरूप देना है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के विभिन्न मोहल्लों के लिए अलग-अलग विकास योजनाएं तैयार की जा रही हैं, ताकि हर मोहल्ले तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा सकें।
स्थानीय लोगों ने भी उम्मीद जताई कि यदि योजनाएं समयबद्ध तरीके से पूरी होती हैं, तो वार्ड नंबर 11 आने वाले समय में नगर परिषद क्षेत्र के विकसित वार्डों में शामिल हो सकता है।
बागतीपाड़ा में सामुदायिक भवन निर्माण की संभावना
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने बागतीपाड़ा क्षेत्र का भी दौरा किया, जहां संभावित सामुदायिक भवन निर्माण के लिए स्थल निरीक्षण किया गया। क्षेत्रवासियों ने लंबे समय से सामुदायिक भवन की मांग की है, ताकि सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सार्वजनिक कार्यक्रमों का आयोजन स्थानीय स्तर पर किया जा सके।
इस संबंध में कार्यपालक पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार चौधरी ने स्पष्ट कहा कि यदि नगर परिषद को सामुदायिक भवन निर्माण के लिए उपयुक्त जमीन उपलब्ध कराई जाती है, तो परिषद इस योजना पर गंभीरता से विचार करेगी।
उन्होंने कहा कि नगर परिषद का प्रयास है कि शहर के प्रत्येक वार्ड में लोगों की आवश्यकताओं के अनुसार योजनाएं लागू की जाएं और आधारभूत संरचना को मजबूत बनाया जाए।
वार्ड को विकसित बनाने के लिए तैयार हुआ रोडमैप
निरीक्षण के बाद वार्ड पार्षद निभा देवी ने कहा कि सिद्धार्थनगर, कैलाशनगर और बागतीपाड़ा को एक विकसित एवं सुव्यवस्थित वार्ड बनाने के लिए विस्तृत रोडमैप तैयार कर लिया गया है।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या जलजमाव, खराब सड़क और जल निकासी रही है, जिसके स्थायी समाधान के लिए नगर परिषद के सहयोग से विशेष कार्य योजना बनाई गई है। उनका उद्देश्य केवल छोटे निर्माण कार्य कराना नहीं, बल्कि पूरे वार्ड को एक स्वच्छ, व्यवस्थित और आधुनिक क्षेत्र के रूप में विकसित करना है।
निभा देवी ने कहा कि बरसात के दौरान लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए महानाला निर्माण, नालियों के चौड़ीकरण एवं सड़क निर्माण पर विशेष प्राथमिकता के साथ कार्य किया जा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में वार्ड नंबर 11 में विकास की नई तस्वीर दिखाई देगी और हर मोहल्ले तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जाएंगी।
उन्होंने यह भी कहा कि जनता का विश्वास और सहयोग ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है तथा वे वार्ड के सर्वांगीण विकास के लिए पूरी प्रतिबद्धता और गंभीरता के साथ लगातार कार्य करती रहेंगी।
निरीक्षण के दौरान कई अधिकारी और स्थानीय लोग रहे मौजूद
निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान कनीय अभियंता नगर परिषद पाकुड़ संजीत महतो, स्वच्छता पर्यवेक्षक संजय कुमार राय सहित कई स्थानीय लोग मौजूद रहे।
इस अवसर पर पंकज मिश्रा, शिवम सिंह, सूर्या सिंह, अमित घोष, बच्चू राय, सर्वेश्वर झा एवं निमाई माल समेत बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित थे। स्थानीय लोगों ने अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं और विकास कार्यों को जल्द पूरा कराने की मांग की।


