नगर परिषद कार्यालय के समक्ष भाजपा का एकदिवसीय धरना
पाकुड़। भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष अमृत पांडेय के नेतृत्व में आज पाकुड़ नगर परिषद कार्यालय के समक्ष एक एकदिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन किया गया। यह धरना दो वर्षों से लंबित नगर निकाय चुनाव को लेकर आयोजित किया गया, जिसमें भाजपा ने चुनाव को दलीय आधार पर एवं ईवीएम के माध्यम से अविलंब कराने की जोरदार मांग उठाई।
प्रदेश नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति
धरना कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य निवास मंडल उपस्थित रहे। उनके साथ निवर्तमान नगर परिषद अध्यक्ष संपा साहा भी मंच पर मौजूद रहीं। कार्यक्रम में पार्टी के कई प्रदेश, जिला एवं मंडल स्तर के पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए, जिससे धरना स्थल पर व्यापक जनसमर्थन देखने को मिला।
राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया
धरना कार्यक्रम के समापन के पश्चात भाजपा प्रतिनिधिमंडल द्वारा महामहिम राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन नगर परिषद प्रशासक को सौंपा गया। ज्ञापन में राज्य सरकार से नगर निकाय चुनाव शीघ्र कराने तथा लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बहाल करने की मांग की गई।
जनप्रतिनिधियों के अभाव में नगर निकायों की बदहाल स्थिति
मुख्य वक्ता निवास मंडल ने अपने संबोधन में कहा कि ज्ञापन में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि पिछले दो वर्षों से राज्य में नगर निकाय चुनाव लंबित हैं। जनप्रतिनिधियों के अभाव में नगर निकायों की स्थिति अत्यंत दुर्दशापूर्ण हो गई है। अधिकारियों की मनमानी से आम जनता त्रस्त है और बुनियादी सुविधाओं के लिए लोगों को दर-दर भटकना पड़ रहा है।
2018 में दलीय आधार पर ईवीएम से हुए थे चुनाव
उन्होंने बताया कि अप्रैल 2018 में तत्कालीन रघुवर सरकार के कार्यकाल में राज्य में नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर ईवीएम के माध्यम से सफलतापूर्वक संपन्न कराए गए थे। उस समय चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और तेज रही, जिससे जनता को सही प्रतिनिधि चुनने का अवसर मिला।
हेमंत सरकार पर जनभावनाओं की अनदेखी का आरोप
निवास मंडल ने आरोप लगाया कि पिछले छह वर्षों से सत्तासीन हेमंत सरकार को जनभावनाओं से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि झामुमो, कांग्रेस और राजद गठबंधन की सरकार ने विधानसभा चुनावों में लुभावने वादों के सहारे सत्ता हासिल की, लेकिन जनता को बार-बार धोखा देने का काम किया।
पिछड़ा समाज की हकमारी का आरोप
उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव बिना पिछड़ों के आरक्षण के कराकर सरकार ने पिछड़ा समाज की हकमारी की। इसके बाद ट्रिपल टेस्ट का हवाला देकर दो वर्षों तक नगर निकाय चुनाव टालती रही। यह सीधे तौर पर लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है।
नियमावली बदलने और बैलेट पेपर की साजिश का आरोप
मुख्य वक्ता ने कहा कि न्यायालय के दबाव में ट्रिपल टेस्ट पूरा होने के बावजूद सरकार की मंशा साफ नहीं है। 2018 में पारित नियमावली को बदलकर सरकार निकाय चुनाव को दलीय आधार पर नहीं कराना चाहती, साथ ही ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की योजना बना रही है, जो लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास है।
डिजिटल भारत और ईवीएम की आवश्यकता पर जोर
निवास मंडल ने कहा कि पूरा देश तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दे रहा है। डीबीटी, ईवीएम, डिजिटल इंडिया जैसे प्रयासों से भ्रष्टाचार पर लगाम, कार्य में गति और परिणामों में पारदर्शिता आती है। उन्होंने कहा कि जिन ईवीएम पर आज सवाल उठाए जा रहे हैं, उसी ईवीएम के परिणाम से इंडी गठबंधन सत्ता में आया है।
केंद्र के करोड़ों के अनुदान से वंचित हो रहा राज्य
उन्होंने यह भी कहा कि नगर निकाय चुनाव नहीं होने के कारण राज्य को केंद्र सरकार से मिलने वाले करोड़ों रुपये के अनुदान से वंचित होना पड़ रहा है, जिससे शहरी विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
संभावित हार के डर से चुनाव टालने का आरोप
भाजपा ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अपनी संभावित हार को देखते हुए दलीय आधार और ईवीएम से चुनाव नहीं कराना चाहती। बैलेट पेपर के माध्यम से पदाधिकारियों को टूल्स बनाकर भ्रष्टाचार बढ़ाने की योजना बनाई जा रही है, जिसके उदाहरण पंचायत चुनावों में जनता देख चुकी है।
भाजपा की स्पष्ट मांग
भाजपा ने स्पष्ट रूप से मांग की कि राज्य सरकार अविलंब नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर एवं ईवीएम से कराने की अनुशंसा करे। पार्टी का कहना है कि दलीय आधार पर चुनाव होने से समाज सेवा में अनुभवी एवं सक्षम कार्यकर्ताओं का लाभ सीधे जनता को मिलता है।
राज्यपाल से हस्तक्षेप की अपील
अंत में भाजपा ने राज्यपाल से आग्रह किया कि वे इस संबंध में राज्य सरकार को आवश्यक निर्देश देकर लोकतंत्र की रक्षा करें और जनता को उनका संवैधानिक अधिकार दिलाएं।
मंच संचालन और प्रमुख उपस्थित लोग
कार्यक्रम का मंच संचालन जिला महामंत्री रूपेश कुमार भगत ने किया। इस अवसर पर प्रदेश मंत्री दुर्गा मरांडी, जिला उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र त्रिवेदी, पूर्व जिलाध्यक्ष विवेकानंद तिवारी, अनुग्रहित प्रसाद साह, मीरा प्रवीण सिंह, कामेश्वर दास, शर्मिला रजक, शबरी पाल, दीपक साहा, विश्वनाथ भगत, जयंत मंडल, पार्थ रक्षित, सपन कुमार दुबे, अशोक प्रसाद, पवन भगत, अजित रविदास, हिसाबी राय, सुशील साहा, बासु मंडल, रतन भगत, पार्वती देवी, बहादुर मंडल, अनामिका, मनोरमा देवी, दुलाल सिंह, पंकज साह, सोमित चौबे, तुहिन शुक्ला सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


