दुर्गा मंदिर प्रांगण में हुआ भव्य आयोजन
पाकुड़। एकल अभियान संभाग उत्तर झारखंड, भाग संथाल परगना, अंचल पाकुड़, संच पाकुड़ सदर के तत्वावधान में एकल अभियान हरि संस्कार शिक्षा द्वारा आयोजित सत्संग भजन प्रतियोगिता का आयोजन आज 5 जनवरी 2026, सोमवार को शाहरकोल स्थित दुर्गा मंदिर प्रांगण में भव्य और आध्यात्मिक वातावरण में सम्पन्न हुआ। इस आयोजन में क्षेत्र के ग्रामीणों, मातृशक्ति और बालिकाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता और सरस्वती माता के समक्ष दीप प्रज्वलन, पुष्प अर्पण एवं हरि कथा पद्धति के अनुसार विधिवत रूप से किया गया। शुभारंभ कार्यक्रम में अंचल अध्यक्ष विश्वनाथ प्रसाद भगत, संच अध्यक्ष सुजय कुमार भगत तथा संच सचिव दुलाली मंडल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का मंगलारंभ किया।
नौ गांवों की सत्संग मंडलियों ने लिया भाग
इस भजन प्रतियोगिता में श्रीरामपुर, गोसाईपुर, घड़ापोखर, बारहाबाद, विशनपुर, कालीदासपुर, खजुरडंगा, चेकडंगा और कोलाजोर सहित कुल 9 गांवों की सत्संग मंडलियों ने भाग लिया। सभी मंडलियों ने धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना से ओत-प्रोत सत्संग भजन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
धार्मिक संस्कृति से जुड़ी भावपूर्ण प्रस्तुतियां
प्रतियोगिता के दौरान प्रत्येक मंडली ने भारतीय सनातन परंपरा, भक्ति भाव और संस्कारों से जुड़ी अलग-अलग सत्संग भजन प्रस्तुतियां दीं। भजनों में राम भक्ति, शक्ति उपासना, सेवा, संयम और नैतिक मूल्यों की सुंदर झलक देखने को मिली, जिससे पूरा वातावरण भक्ति रस में सराबोर हो गया।
प्रतियोगिता के विजेताओं की हुई घोषणा
निर्णायक मंडल द्वारा सभी प्रस्तुतियों का गहन मूल्यांकन किया गया। परिणाम स्वरूप
घड़ापोखर ग्राम की शबरी मंडली ने प्रथम स्थान,
खजुरडंगा ग्राम की राम मंडली ने द्वितीय स्थान,
और श्रीरामपुर ग्राम की दुर्गा मंडली ने तृतीय स्थान प्राप्त कर सभी का ध्यान आकर्षित किया।
अभियान पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम में अंचल अभियान प्रमुख रामकिशन सोरेन, अंचल साधक प्रमुख कबीरदास मरांडी, अंचल गतिविधि प्रशिक्षक शिव कुमार पंडित, संच प्रशिक्षक काजोल मेहरा, तथा संच साधक प्रमुख पिंकी किस्कु की गरिमामयी उपस्थिति रही। सभी पदाधिकारियों ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।
एकल अभियान के उद्देश्यों पर दिया गया संदेश
कार्यक्रम के अंत में रामकिशन सोरेन ने एकल अभियान के उद्देश्यों को क्षेत्रीय भाषा में विस्तारपूर्वक समझाया। उन्होंने बताया कि एकल अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, संस्कार, स्वास्थ्य और स्वावलंबन को बढ़ावा देना है, ताकि समाज आत्मनिर्भर और संस्कारित बन सके।
सभी मंडलियों को किया गया सम्मानित
अंत में अंचल अध्यक्ष विश्वनाथ प्रसाद भगत द्वारा सभी भाग लेने वाली सत्संग मंडलियों को हनुमान चालीसा की पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया गया। उन्होंने अपने आशीर्वचन एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए सभी सहयोगियों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया।
भक्ति और संस्कार से ओत-प्रोत रहा आयोजन
पूरा कार्यक्रम भक्ति, अनुशासन और सांस्कृतिक चेतना से परिपूर्ण रहा। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक मूल्यों को सुदृढ़ किया, बल्कि ग्रामीण समाज में एकता, सहयोग और संस्कार की भावना को भी मजबूत किया।


