Sunday, April 12, 2026
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एडिटर इन चीफ
धर्मेन्द्र सिंह

संग्रामपुर जनसभा में गूंजा बदलाव का संकल्प, पानी और शिक्षा बना मुख्य मुद्दा

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जनसभा में उमड़ा जनसैलाब, भावुक हुए अजहर इस्लाम

पाकुड़। संग्रामपुर पंचायत के संग्रामपुर गाँव में आयोजित जनसभा में उस समय उत्साह का माहौल देखने को मिला जब अजहर इस्लाम ने ग्रामीणों को संबोधित किया। इस दौरान माताओं, बहनों, बुजुर्गों और नौजवानों की भारी उपस्थिति ने सभा को जीवंत बना दिया। लोगों का अपार प्यार, सम्मान और समर्थन देखकर अजहर इस्लाम भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि जनता का यह स्नेह और विश्वास ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और यही उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

वर्षों से लंबित समस्याओं को उठाया मजबूती से

सभा के दौरान अजहर इस्लाम ने क्षेत्र की पुरानी और ज्वलंत समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि पिछले 20-30 वर्षों से कई मुद्दे अधूरे पड़े हुए हैं, जिन पर आज तक कोई ठोस पहल नहीं हो पाई। ग्रामीणों ने भी खुलकर अपनी समस्याएँ रखीं, जिनमें पानी की कमी, शिक्षा व्यवस्था की कमजोरी और बुनियादी सुविधाओं का अभाव प्रमुख रहा। उन्होंने हर समस्या को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि इनका समाधान उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है।

पानी की गंभीर समस्या बना सामाजिक चिंता का विषय

संग्रामपुर पंचायत में पानी की समस्या को लेकर स्थिति बेहद चिंताजनक बताई गई। अजहर इस्लाम ने कहा कि पिछले दो दशकों से हालात इतने खराब हैं कि लोग इस गाँव में अपनी बेटी-बहनों की शादी तक करने से कतराते हैं। उन्होंने इसे केवल एक बुनियादी समस्या नहीं, बल्कि समाज की इज्जत और भविष्य से जुड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने जानकारी दी कि पहले भी उन्होंने अपने प्रयास से एक बोरिंग करवाया था, लेकिन अब स्थायी समाधान की आवश्यकता है।

एक महीने में समाधान का संकल्प, जल्द होगा दूसरा बोरिंग

जनसभा में उन्होंने स्पष्ट रूप से घोषणा की कि बहुत जल्द एक दूसरा बोरिंग भी करवाया जाएगा। उन्होंने संकल्प लिया कि एक महीने के भीतर पानी की किल्लत को जड़ से खत्म करने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। इस घोषणा के बाद सभा में मौजूद लोगों में उम्मीद की नई किरण जगी और तालियों से उनका स्वागत किया गया।

शिक्षा को बताया विकास की सबसे बड़ी कुंजी

अपने संबोधन में अजहर इस्लाम ने शिक्षा को सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए कहा कि यदि उन्हें जनता की सेवा का बड़ा अवसर मिला, तो उनकी पहली प्राथमिकता शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह शक्ति है, जो एक गरीब परिवार के बच्चे को भी आगे बढ़ने का अवसर देती है और समाज को नई दिशा प्रदान करती है।

राजनीति नहीं, सेवा है प्राथमिक उद्देश्य

अजहर इस्लाम ने अपने विचार स्पष्ट करते हुए कहा कि वे राजनीति में सत्ता या कुर्सी के लिए नहीं आए हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी आरामदायक और लग्जरी जिंदगी को छोड़कर संघर्ष का रास्ता इसलिए चुना है ताकि वे गरीब, लाचार और जरूरतमंद लोगों की आवाज बन सकें। उन्होंने दोहराया कि उनका मुख्य लक्ष्य गरीबों को उनका हक दिलाना है और वे जीवनभर इसके लिए संघर्ष करते रहेंगे।

जनता का विश्वास ही असली पूँजी

सभा के अंत में अजहर इस्लाम ने कहा कि जनता का प्यार, विश्वास और आशीर्वाद ही उनकी असली पूँजी है। उन्होंने विश्वास जताया कि इसी ताकत के बल पर वे क्षेत्र की तस्वीर बदलने और अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़े होने का कार्य करेंगे।

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