📌 प्रशिक्षण कार्यक्रम की भव्य शुरुआत
पाकुड़। नगर परिषद क्षेत्र में जनगणना 2027 के कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न करने के उद्देश्य से प्रथम चरण में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत की गई। यह प्रशिक्षण वीर कुंवर सिंह भवन (पुराना टाउन हॉल) में आयोजित किया जा रहा है, जहां बड़ी संख्या में कर्मियों की भागीदारी देखी जा रही है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनगणना से जुड़े सभी कार्यों को समय पर और व्यवस्थित तरीके से पूरा करना है।
निर्धारित अवधि और प्रशिक्षण का दायरा
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 27 अप्रैल 2026 से 9 मई 2026 तक लगातार चलेगा। इस दौरान प्रतिभागियों को जनगणना से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं की गहन जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण का फोकस इस बात पर है कि प्रत्येक प्रगणक और पर्यवेक्षक अपने कार्य को पूरी दक्षता और सटीकता के साथ संपन्न कर सके।
🏠 जनगणना के प्रमुख कार्यों पर विशेष जोर
प्रशिक्षण के दौरान मकान सूचीकरण, यूनिट आइडेंटिफिकेशन तथा द्वितीय चरण में होने वाली नागरिकों की गणना जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा नागरिकों से पूछे जाने वाले प्रश्नों की संरचना, डेटा संग्रहण की प्रक्रिया तथा उसे ऑनलाइन सबमिट करने के तरीके को भी सरल और व्यावहारिक रूप में समझाया जा रहा है।
👨🏫 अनुभवी ट्रेनरों द्वारा दिया जा रहा मार्गदर्शन
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन जिला सांख्यिकी कार्यालय द्वारा नियुक्त जनगणना फील्ड ट्रेनर Binod Kumar Singh और Md Mobashshir Hussain के द्वारा किया जा रहा है। दोनों ट्रेनर अपने अनुभव और विशेषज्ञता के आधार पर प्रतिभागियों को व्यवहारिक ज्ञान दे रहे हैं, जिससे वे वास्तविक कार्य के दौरान किसी भी चुनौती का सामना आसानी से कर सकें।
🤝 जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान नगर अध्यक्ष साबरी पाल तथा जनगणना चार्ज पदाधिकारी सह कार्यपालक पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार चौधरी सहित नगर परिषद के अन्य कर्मी भी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रगणकों और पर्यवेक्षकों का उत्साहवर्धन किया और उन्हें अपने दायित्वों को पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाने के लिए प्रेरित किया।
🎯 सुचारू और समयबद्ध जनगणना का लक्ष्य
इस पूरे प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनगणना 2027 का कार्य ससमय, सटीक और सुचारू रूप से पूरा हो। प्रशिक्षित प्रगणक और पर्यवेक्षक इस राष्ट्रीय कार्य को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे, जिससे सरकार को सटीक आंकड़े प्राप्त होंगे और भविष्य की योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू किया जा सकेगा।


