Monday, June 29, 2026
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एडिटर इन चीफ
धर्मेन्द्र सिंह

⚖️🏦 झारखंड ग्रामीण बैंक में लगा विधिक जागरूकता शिविर: बैंकिंग विवादों के त्वरित समाधान और निःशुल्क कानूनी सहायता की दी गई जानकारी

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पाकुड़। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), पाकुड़ द्वारा आम नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से झारखंड ग्रामीण बैंक, पाकुड़ शाखा में एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ दिवाकर पांडेय के निर्देश पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बैंकिंग सेवाओं से जुड़े विवादों, स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली तथा निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाना था।

🕯️ विधिक जागरूकता के उद्देश्य से आयोजित हुआ शिविर

शिविर में स्थायी लोक अदालत के सदस्य मो. अबरारुल हक़, राजीव कुमार झा तथा झारखंड ग्रामीण बैंक, पाकुड़ शाखा के शाखा प्रबंधक सुशील कुमार मिश्रा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान बैंक कर्मियों, बैंक ग्राहकों एवं आम नागरिकों को विधिक सेवाओं से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बताया कि जानकारी के अभाव में कई लोग अपने कानूनी अधिकारों का लाभ नहीं उठा पाते हैं, इसलिए ऐसे जागरूकता शिविर समय की आवश्यकता हैं।

⚖️ स्थायी लोक अदालत की भूमिका और निःशुल्क कानूनी सुविधाओं की दी जानकारी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्थायी लोक अदालत के सदस्यों ने उपस्थित लोगों को स्थायी लोक अदालत से मिलने वाली निःशुल्क कानूनी सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्थायी लोक अदालत का उद्देश्य जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों का त्वरित, सरल और सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है, ताकि लोगों को लंबे समय तक न्यायालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति का मामला जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित है, तो वह स्थायी लोक अदालत के माध्यम से कम समय में और बिना अनावश्यक खर्च के अपने विवाद का समाधान प्राप्त कर सकता है।

💡 बिजली, बीमा और अन्य जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों पर मिला मार्गदर्शन

मो. अबरारुल हक़ ने अपने संबोधन में जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित कानूनी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बिजली सेवा, बीमा सेवा, बैंकिंग सेवाएं तथा अन्य सार्वजनिक उपयोग की सेवाओं से जुड़े कई विवादों का समाधान स्थायी लोक अदालत के माध्यम से सौहार्दपूर्ण तरीके से कराया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को सरल बनाना तथा दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से विवादों का निपटारा कराना है। इससे समय, धन और संसाधनों की बचत होती है तथा लोगों को शीघ्र न्याय मिल पाता है।

👨‍⚖️ गरीब, महिलाएं, बच्चे, एससी-एसटी एवं दिव्यांगों को मिलती है विशेष कानूनी सहायता

स्थायी लोक अदालत के सदस्य राजीव कुमार झा ने बताया कि गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति, महिलाएं, बच्चे, अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), दिव्यांगजन तथा अन्य पात्र नागरिक निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने के हकदार हैं।

उन्होंने बताया कि बैंकिंग से जुड़े सुलह योग्य मामलों एवं अन्य कानूनी विवादों में पात्र व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकार और स्थायी लोक अदालत के माध्यम से सहायता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी कानूनी समस्या की स्थिति में घबराने के बजाय विधिक सेवा संस्थाओं से संपर्क करें और उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाएं।

🏦 बैंकिंग सेवाओं और ग्राहकों के अधिकारों पर भी हुई चर्चा

शिविर के दौरान बैंक अधिकारियों द्वारा भी उपस्थित लोगों को बैंकिंग सेवाओं, ग्राहकों के अधिकारों, सुरक्षित बैंकिंग, वित्तीय लेन-देन तथा विभिन्न बैंकिंग सुविधाओं के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। ग्राहकों को बैंकिंग सेवाओं का सुरक्षित और सही तरीके से उपयोग करने के लिए जागरूक किया गया तथा उनसे जुड़े संभावित विवादों के समाधान के कानूनी विकल्पों के बारे में भी जानकारी साझा की गई।

🤝 जागरूकता के माध्यम से न्याय को आमजन तक पहुंचाने का प्रयास

वक्ताओं ने कहा कि विधिक जागरूकता का उद्देश्य केवल कानून की जानकारी देना नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को उसके अधिकारों, कर्तव्यों और न्याय प्राप्त करने के वैधानिक माध्यमों से परिचित कराना भी है। ऐसे कार्यक्रमों से आम नागरिकों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास मजबूत होता है और वे समय पर अपने अधिकारों का उपयोग कर पाते हैं।

👥 बैंक कर्मियों और ग्राहकों की रही सक्रिय भागीदारी

कार्यक्रम में बैंक कर्मियों, बैंक ग्राहकों तथा बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भाग लिया। उपस्थित लोगों ने विधिक जागरूकता शिविर को उपयोगी बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से आमजन को अपने अधिकारों और उपलब्ध कानूनी सुविधाओं की सही जानकारी मिलती है। अंत में सभी से अपील की गई कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार तथा समाज के अन्य लोगों को भी निःशुल्क कानूनी सहायता, स्थायी लोक अदालत और विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी देकर लाभान्वित करें।

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