Tuesday, July 14, 2026
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एडिटर इन चीफ
धर्मेन्द्र सिंह

सलाखों के पीछे भी सबके लिए न्याय! मंडल कारा में बंदियों को बताए गए कानूनी अधिकार और निःशुल्क विधिक सहायता

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📍90 दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान के तहत मंडल कारा में हुआ विशेष कार्यक्रम

पाकुड़। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), पाकुड़ द्वारा संचालित 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान के तहत मंगलवार को पाकुड़ मंडल कारा में एक विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जेल में निरुद्ध बंदियों को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों से अवगत कराना, उन्हें निःशुल्क विधिक सहायता की उपलब्धता की जानकारी देना तथा कानून के प्रति जागरूक बनाना था।

यह अभियान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दिवाकर पांडेय के निर्देश तथा डालसा सचिव रूपा बंदना किरो के मार्गदर्शन एवं देखरेख में लगातार संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आम नागरिकों के साथ-साथ विशेष वर्गों तक भी विधिक जागरूकता पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।


👨‍⚖️ लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के डिप्टी चीफ ने दी महत्वपूर्ण कानूनी जानकारी

कार्यक्रम में लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के डिप्टी चीफ मो. नुकुमुद्दीन शेख ने मुख्य वक्ता के रूप में बंदियों को संबोधित किया। उन्होंने सरल और सहज भाषा में बताया कि प्रत्येक व्यक्ति को कानून के समक्ष समान अधिकार प्राप्त हैं और आर्थिक या सामाजिक स्थिति किसी भी व्यक्ति को न्याय से वंचित नहीं कर सकती।

उन्होंने बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों, न्यायिक प्रक्रिया, मुकदमों से संबंधित आवश्यक जानकारियों तथा न्याय प्राप्त करने के उपलब्ध वैधानिक माध्यमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि यदि कोई व्यक्ति आर्थिक रूप से कमजोर है या अधिवक्ता नियुक्त करने में सक्षम नहीं है, तो उसे जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।


📖 निःशुल्क विधिक सहायता की योजनाओं से कराया गया अवगत

कार्यक्रम के दौरान बंदियों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ द्वारा संचालित विभिन्न निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करना विधिक सेवा प्राधिकार का प्रमुख उद्देश्य है और जरूरतमंद लोगों को बिना किसी शुल्क के कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

इस दौरान बंदियों को यह भी समझाया गया कि यदि किसी मामले में उन्हें कानूनी सलाह, अधिवक्ता की सहायता या अन्य विधिक सहयोग की आवश्यकता हो, तो वे जिला विधिक सेवा प्राधिकार से संपर्क कर उसका लाभ प्राप्त कर सकते हैं।


🚫 सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ भी किया गया जागरूक

कार्यक्रम केवल कानूनी जानकारी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सामाजिक जागरूकता पर भी विशेष बल दिया गया। उपस्थित बंदियों को समाज में व्याप्त विभिन्न सामाजिक कुरीतियों, अपराधों और उनके दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया गया।

वक्ताओं ने कहा कि कानून का पालन करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। समाज में शांति, सद्भाव और न्यायपूर्ण व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी को कानून का सम्मान करना चाहिए। साथ ही यह भी बताया गया कि जागरूक नागरिक ही एक मजबूत और जिम्मेदार समाज का निर्माण करते हैं।


🛡️ बंदियों को उनके अधिकारों की दी गई विस्तृत जानकारी

कार्यक्रम के दौरान बंदियों को उनके मौलिक अधिकारों, विधिक अधिकारों तथा न्यायिक प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि प्रत्येक बंदी को कानून के तहत निर्धारित अधिकार प्राप्त हैं और इन अधिकारों की रक्षा के लिए विधिक सेवा प्राधिकार सदैव तत्पर रहता है।

अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से बंदियों को यह भी समझाया गया कि किसी भी प्रकार की कानूनी समस्या या जानकारी के अभाव में वे विधिक सेवा प्राधिकार से सहायता प्राप्त कर सकते हैं।


🤝 जेल प्रशासन और पैरा लीगल वॉलंटियर्स की रही सक्रिय भागीदारी

इस जागरूकता कार्यक्रम में जेल प्रशासन के अधिकारियों ने भी सक्रिय सहयोग किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में पैरा लीगल वॉलंटियर कान्हु हांसदा की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने बंदियों के बीच विधिक जागरूकता अभियान को प्रभावी बनाने में सहयोग प्रदान किया।

कार्यक्रम के दौरान बंदियों ने कानूनी विषयों से जुड़े कई प्रश्न भी पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा सरल एवं संतोषजनक उत्तर दिया गया। इससे कार्यक्रम संवादात्मक और उपयोगी साबित हुआ।


📢 न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार प्रयास

जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ द्वारा संचालित 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक कानूनी जागरूकता, निःशुल्क विधिक सहायता तथा न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करना है। इसी कड़ी में जेलों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

मंडल कारा में आयोजित यह कार्यक्रम भी इसी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा, जहां बंदियों को यह संदेश दिया गया कि कानून केवल दंड का माध्यम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के अधिकारों की रक्षा का सशक्त आधार भी है।

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