Tuesday, July 14, 2026
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एडिटर इन चीफ
धर्मेन्द्र सिंह

अंगिका समाज को मिली नई दिशा! पाकुड़ जिला इकाई की नई कार्यकारिणी का गठन, भाषा और संस्कृति के संरक्षण का लिया संकल्प

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📍प्रदेश पर्यवेक्षक की मौजूदगी में संपन्न हुआ संगठनात्मक चुनाव

पाकुड़। झारखंड प्रदेश अंगिका समाज (अंग), जिला इकाई, पाकुड़ की संगठनात्मक बैठक उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई। यह बैठक 13 जुलाई 2026 को प्रदेश पर्यवेक्षक सुरजीत झा की देखरेख में आयोजित की गई, जिसमें जिले के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े समाज के पदाधिकारी, सदस्य एवं अंगिका भाषा और संस्कृति से जुड़े लोगों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को नई ऊर्जा प्रदान करना, नई कार्यकारिणी का गठन करना तथा आने वाले वर्षों के लिए संगठन की कार्ययोजना तैयार करना था।

बैठक के दौरान संगठनात्मक चुनाव की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता और लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न हुई। सभी पदों पर विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से नई जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया। नवगठित टीम का कार्यकाल सत्र 2026 से 2029 तक रहेगा।


नई जिला कार्यकारिणी का हुआ गठन, महत्वपूर्ण पदों पर मिली जिम्मेदारियां

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बैठक में सर्वसम्मति से डॉ. मनोहर कुमार को जिला अध्यक्ष चुना गया। वहीं कृपा सिन्धु तिवारी ‘बच्चन’ को महासचिव, संजय कुमार शुक्ला को सचिव तथा अरुण कुमार सिंह को कोषाध्यक्ष की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई।

इसके अलावा संगठन के अन्य विभिन्न पदों पर भी योग्य एवं सक्रिय सदस्यों का सर्वसम्मति से चयन किया गया। बैठक में मौजूद सदस्यों ने विश्वास जताया कि नई कार्यकारिणी संगठन को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी तथा समाज के हितों के लिए प्रभावी ढंग से कार्य करेगी।


प्रदेश कार्यकारिणी में भी मिली महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

संगठनात्मक बैठक के दौरान कैलाश झा एवं रूमा सिंह को प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया। साथ ही दोनों को झारखंड राज्य साहित्य, संगीत, नाटक एवं ललित कला के जिला प्रतिनिधि की जिम्मेदारी भी सौंपी गई।

बैठक में उपस्थित सदस्यों ने इस मनोनयन का स्वागत करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि इनके अनुभव और सक्रिय भूमिका से जिले में अंगिका भाषा एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।


👩 महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए बना अंगिका महिला समूह

संगठन को अधिक व्यापक और मजबूत बनाने के उद्देश्य से बैठक में अंगिका महिला समूह, पाकुड़ का भी गठन किया गया। संगठन का मानना है कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना सामाजिक एवं सांस्कृतिक आंदोलन को व्यापक स्वरूप नहीं दिया जा सकता।

महिला समूह की अध्यक्षा के रूप में प्राची चौधरी का चयन किया गया। वहीं निधि गुप्ता एवं सीमा कुमारी को उपाध्यक्ष, पूनम देवी को सचिव, रश्मि कुमारी को संगठन सचिव, नीतू देवी को सह-संगठन सचिव, मधु देवी को कोषाध्यक्ष तथा निक्की कुमारी को मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके अलावा मीरा प्रवीण सिंह को महिला समूह का संरक्षक बनाया गया।

महिला समूह के गठन को बैठक की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना गया। वक्ताओं ने कहा कि महिलाओं की भागीदारी से समाज की सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों को नई दिशा मिलेगी।


जनगणना में अंगिका भाषा को अलग पहचान दिलाने का संकल्प

बैठक में अंगिका भाषा के संरक्षण और संवर्धन को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। सदस्यों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि आगामी जनगणना में अंगिका भाषा को पृथक भाषा के रूप में दर्ज कराने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

संगठन का मानना है कि अंगिका भाषा का समृद्ध इतिहास, साहित्य और सांस्कृतिक विरासत है। इसलिए इसे अलग भाषा के रूप में पहचान दिलाना समाज की प्राथमिकता होगी।


JTET नियमावली में अंगिका भाषा को शामिल कराने की मांग

बैठक में शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सदस्यों ने निर्णय लिया कि झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) की नियुक्ति नियमावली में अंगिका भाषा को शामिल कराने के लिए राज्य सरकार के समक्ष प्रभावी पहल की जाएगी।

संगठन का कहना है कि यदि अंगिका भाषा को शिक्षा व्यवस्था में उचित स्थान मिलता है, तो इससे न केवल भाषा का संरक्षण होगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।


🤝 पंचायत स्तर तक संगठन को मजबूत बनाने पर जोर

बैठक में संगठन विस्तार को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि सदस्यता अभियान को तेज गति से चलाया जाएगा तथा संगठन को पंचायत स्तर तक मजबूत किया जाएगा।

इसके लिए प्रत्येक पंचायत में सक्रिय कार्यकर्ताओं की टीम गठित करने, नियमित बैठकें आयोजित करने तथा सामाजिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को संगठन से जोड़ने की रणनीति तैयार की गई।


🎭 भाषा, साहित्य और संस्कृति के संरक्षण का लिया संकल्प

नवगठित कार्यकारिणी ने बैठक के अंत में सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि वह अंगिका भाषा, साहित्य, लोक संस्कृति, लोकगीत, लोककला और परंपराओं के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के लिए पूरी निष्ठा, समर्पण और सक्रियता के साथ कार्य करेगी।

पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन केवल भाषा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में सांस्कृतिक कार्यक्रमों, साहित्यिक गोष्ठियों, युवा संवाद, महिला सशक्तिकरण अभियान तथा सामाजिक जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को संगठित और मजबूत बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास करेगा।


समाज को नई ऊर्जा देने की उम्मीद

बैठक के सफल आयोजन और नई कार्यकारिणी के गठन के बाद संगठन के सदस्यों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। उपस्थित लोगों ने विश्वास व्यक्त किया कि नई टीम के नेतृत्व में झारखंड प्रदेश अंगिका समाज (अंग), जिला इकाई, पाकुड़ भाषा, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित करेगा। साथ ही आने वाले वर्षों में संगठन जिले से लेकर राज्य स्तर तक अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराते हुए अंगिका समाज की आवाज को और अधिक प्रभावी ढंग से बुलंद करने का कार्य करेगा।

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