Tuesday, September 8, 2026
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एडिटर इन चीफ
धर्मेन्द्र सिंह

गांव की चौपाल से सियासत की नई पटकथा तक: डॉ. तनवीर आलम ने सुनी जनता की पीड़ा, कांग्रेस में हुआ बड़ा सियासी जुड़ाव

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पाकुड़। गांव की पगडंडियों से लेकर चौपालों तक जब कोई जनप्रतिनिधि पहुंचता है, तो वह केवल रास्ते नहीं नापता, बल्कि जनता के दिल की धड़कन और उसके दर्द की गहराई भी महसूस करता है। कुछ ऐसा ही नजारा पाकुड़ सदर प्रखंड अंतर्गत झिकरहटी पूर्वी पंचायत के विभिन्न गांवों में देखने को मिला, जहां झारखंड प्रदेश कांग्रेस महासचिव डॉ. तनवीर आलम ने गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उनकी समस्याओं को करीब से जाना।

डॉ. तनवीर आलम ने इस्लामपुर, सीतारामपुर, साकार और चांदपाड़ा गांवों का क्षेत्र भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों के बीच बैठकर वर्तमान स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) से जुड़े कार्यों की जानकारी ली। साथ ही बिजली, पेयजल, पीसीसी सड़क, नाला निर्माण तथा मंईयां सम्मान योजना से जुड़ी समस्याओं पर भी ग्रामीणों से विस्तारपूर्वक चर्चा की।

गांव की चौपाल पर उठती आवाजों में कहीं विकास की उम्मीद थी तो कहीं वर्षों से चली आ रही समस्याओं की कसक। ग्रामीणों ने अपनी परेशानियां सीधे डॉ. तनवीर आलम के सामने रखीं। उन्होंने भी समस्याओं को महज सुनकर आगे बढ़ने के बजाय उनके समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि जनहित से जुड़ी समस्याओं को संबंधित विभागों के समक्ष प्रमुखता से रखा जाएगा और समाधान की दिशा में गंभीर प्रयास किए जाएंगे।

जनसंवाद के बीच दिखी सियासत की नई करवट

क्षेत्र भ्रमण का यह कार्यक्रम केवल जनसमस्याओं की सुनवाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसके बीच स्थानीय राजनीति में एक नया अध्याय भी जुड़ गया। कांग्रेस की विचारधारा और जनहित में किए जा रहे कार्यों से प्रभावित होकर इस्लामपुर निवासी हिफ़्जुल शेख ने कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

डॉ. तनवीर आलम ने हिफ़्जुल शेख को कांग्रेस का पट्टा पहनाकर पार्टी में उनका स्वागत किया। इस राजनीतिक जुड़ाव को स्थानीय स्तर पर कांग्रेस के संगठनात्मक विस्तार और जनाधार को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।

गांव की मिट्टी में होने वाला यह राजनीतिक संवाद उस बदलते सियासी मिजाज की ओर भी इशारा करता है, जहां जनता केवल भाषण नहीं, बल्कि अपनी समस्याओं की आवाज सुनने वाले नेताओं को तलाश रही है। ऐसे में डॉ. तनवीर आलम का गांवों के बीच पहुंचना कांग्रेस के लिए महज एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता से रिश्ते की डोर को और मजबूत करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

जनता की नब्ज टटोलने की कोशिश

राजनीति में जनसंपर्क का अपना महत्व है, लेकिन जब राजनीतिक संवाद गांव की चौपाल पर बैठकर होता है तो उसकी भाषा और प्रभाव दोनों बदल जाते हैं। झिकरहटी पूर्वी पंचायत के भ्रमण के दौरान डॉ. तनवीर आलम ने ग्रामीणों की समस्याओं को सुनते हुए यह संदेश देने का प्रयास किया कि विकास की राजनीति का रास्ता जनता के बीच से होकर गुजरता है।

बिजली की रोशनी, पानी की उपलब्धता, बेहतर सड़क और नालियों की व्यवस्था जैसे मुद्दे भले ही रोजमर्रा के लगें, लेकिन ग्रामीण जीवन में इन्हीं सवालों से विकास की तस्वीर बनती और बिगड़ती है। यही कारण है कि क्षेत्र भ्रमण के दौरान इन मुद्दों पर हुई चर्चा राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष श्री कुमार सरकार, प्रखंड अध्यक्ष मानसारुल हक, मुखिया नारगिस सुल्तान, पंचायत अध्यक्ष नोजरूल इस्लाम, आतिउर रहमान, डॉ. जोहरुल इस्लाम, आफताब आलम, अनिकुल आलम, नूर इस्लाम, टोनी आलम, सहमुद्दीन सके, वसीम शेख, हिफजुल इस्लाम, अब्दुल सल्लम, मुकुल शेख, मुजाहिद उल इस्लाम, शमीम अख्तर, सोफिकु शेख, मिथुन शेखर और ईसा शेख सहित स्थानीय कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को जनसंवाद का व्यापक रूप दिया। झिकरहटी की चौपाल से उठी ग्रामीण समस्याओं की आवाज और कांग्रेस में हुए नए राजनीतिक जुड़ाव ने यह संकेत जरूर दिया कि पाकुड़ की स्थानीय सियासत में जनसंपर्क और संगठन विस्तार की कहानी अभी आगे और भी कई पन्ने लिखने वाली है।

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