पाकुड़। दुर्गा पूजा की आहट के साथ ही पाकुड़ शहर में उत्सव की तैयारियां तेज होने लगी हैं। कहीं पंडाल आकार लेने लगे हैं तो कहीं पूजा समितियां धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर रही हैं। दुर्गा पूजा के बाद लक्ष्मी पूजा और काली पूजा का भी दौर शुरू होगा। यानी आने वाले दिनों में शहर की सड़कों पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ेगी और बाजार से लेकर पूजा स्थलों तक रौनक अपने चरम पर होगी। लेकिन इसी उत्सव के बीच एक सवाल प्रशासनिक तैयारियों को लेकर सामने आया है—क्या पाकुड़ शहर इन बड़े पर्वों के लिए पूरी तरह तैयार है?
उत्सव बड़ा है, इसलिए तैयारी भी बड़ी होनी चाहिए
त्योहार सिर्फ पूजा-पंडाल और रोशनी तक सीमित नहीं होते। बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही के साथ शहर की स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, नालियों की सफाई और नियमित कूड़ा उठाव जैसी नागरिक सुविधाएं भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो जाती हैं। इसी जरूरत को देखते हुए नगर परिषद पाकुड़ के वार्ड पार्षदों ने समय रहते प्रशासनिक तैयारियों को गति देने की मांग उठाई है।
पार्षदों ने मांगी बोर्ड की सामान्य बैठक
नगर परिषद के वार्ड पार्षदों निभा देवी, कृष्णा शर्मा, पूनम देवी, तनु दास, राखी सरदारिन, चेनु बीबी, रबिया बीबी, अनिकेत गोस्वामी, रियाज अंसारी, बिमल चंद्र राउत, राजा अंसारी तथा गुड्डू कुमार भगत ने संयुक्त रूप से कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद पाकुड़ को आवेदन सौंपा। इसमें आगामी पर्व-त्योहारों को ध्यान में रखते हुए शीघ्र नगर परिषद बोर्ड की सामान्य मासिक बैठक आयोजित करने का आग्रह किया गया है।
पंडालों के आसपास सफाई से लेकर सड़कों तक उठेगा मुद्दा
पार्षदों ने अपने आवेदन में कहा कि दुर्गा पूजा सहित आगामी प्रमुख पर्वों के दौरान नगर परिषद क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही होगी। विभिन्न वार्डों में पूजा पंडाल स्थापित होंगे और पूजा समितियों की ओर से धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। ऐसे में पूजा स्थलों के साथ-साथ मुख्य सड़कों, गली-मोहल्लों और पंडालों के आसपास विशेष स्वच्छता व्यवस्था जरूरी है।
कूड़ा उठाव नियमित नहीं हुआ तो बढ़ सकती है परेशानी
पर्व के दौरान लोगों की आवाजाही बढ़ने के साथ कचरे की मात्रा भी बढ़ना स्वाभाविक है। ऐसे में पार्षदों ने नियमित कूड़ा उठाव और पूजा पंडालों के आसपास विशेष साफ-सफाई पर जोर दिया है। उनका कहना है कि उत्सव की चमक तभी पूरी दिखाई देगी, जब उसके आसपास का शहर भी स्वच्छ और व्यवस्थित नजर आए।
नालियों की सफाई और पेयजल भी प्राथमिकता में
बारिश और त्योहारों का समय कई बार शहर की नागरिक व्यवस्था के लिए चुनौती बन जाता है। इसे देखते हुए नालियों की सफाई तथा पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर भी पार्षदों ने ध्यान दिलाया। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए पूजा स्थलों और भीड़ वाले क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता को पहले से सुनिश्चित करना जरूरी बताया गया है।
अंधेरी सड़कें नहीं, रोशनी से जगमग हों पूजा स्थल
पर्व के दौरान देर रात तक पूजा-अर्चना और सांस्कृतिक कार्यक्रम चलते हैं। ऐसे में खराब स्ट्रीट लाइटें श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का कारण बन सकती हैं। पार्षदों ने खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत के साथ-साथ आवश्यकता वाले स्थानों पर अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि पूजा स्थलों और आने-जाने वाले रास्तों पर पर्याप्त रोशनी रहे।
पूजा समितियों और नगर परिषद के बीच समन्वय पर जोर
पर्व-त्योहारों की सफलता केवल प्रशासनिक व्यवस्था से नहीं, बल्कि पूजा समितियों और स्थानीय निकाय के बीच बेहतर तालमेल से भी तय होती है। पार्षदों ने इस समन्वय को मजबूत करने की जरूरत बताई है, ताकि पूजा समितियों की वास्तविक जरूरतों और स्थानीय समस्याओं को समय रहते नगर परिषद के सामने रखा जा सके और उनका समाधान किया जा सके।
बैठक में वार्डों की समस्याओं पर हो सकती है सामूहिक चर्चा
वार्ड पार्षदों का कहना है कि बोर्ड की बैठक समय पर होने से अलग-अलग वार्डों की समस्याओं को एक साथ सामने रखा जा सकेगा। पूजा समितियों की आवश्यकताओं, सफाई व्यवस्था, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं पर सामूहिक चर्चा के बाद जरूरी निर्णय लिए जा सकते हैं। इससे पर्व शुरू होने से पहले ही तैयारियों को जमीन पर उतारने में मदद मिलेगी।
कार्यपालक पदाधिकारी ने दिया आश्वासन, अगले माह होगी बोर्ड बैठक
वार्ड पार्षदों की मांग पर नगर परिषद पाकुड़ के कार्यपालक पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार चौधरी ने आश्वस्त किया कि सभी संबंधित लोगों और जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय स्थापित कर आगामी माह बोर्ड की सामान्य बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में पर्व-त्योहारों के दौरान स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाओं को लेकर तैयारियों पर चर्चा की जाएगी तथा आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे।
अब सवाल सिर्फ पूजा की तैयारियों का नहीं, शहर की तैयारी का भी है
दुर्गा पूजा शहर के लिए केवल आस्था का पर्व नहीं, बल्कि सार्वजनिक जीवन की बड़ी परीक्षा भी होती है। जब हजारों लोग एक साथ सड़कों पर निकलते हैं, तब शहर की व्यवस्था की असली तस्वीर सामने आती है। ऐसे में पाकुड़ के वार्ड पार्षदों की बोर्ड बैठक की मांग को आगामी पर्वों से पहले शहरी व्यवस्था को व्यवस्थित करने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि बैठक कब होती है और उसमें लिए गए फैसले पूजा शुरू होने से पहले कितनी तेजी से धरातल पर उतरते हैं।


