पाकुड़। गांव की जिंदगी अक्सर छोटी-छोटी जरूरतों के सहारे आगे बढ़ती है। कहीं बिजली की रोशनी का इंतजार होता है, कहीं पानी के लिए चापाकल की जरूरत महसूस होती है तो कहीं टूटी राह और अधूरी नाली रोजमर्रा की जिंदगी को मुश्किल बना देती है। ऐसी ही जमीनी जरूरतों और ग्रामीणों की आवाज को करीब से जानने के लिए मंगलवार, 22 सितंबर 2026 को झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता आलमगीर आलम सदर प्रखंड अंतर्गत नवादा एवं गोध्यईपुर पंचायत के विभिन्न गांवों में जनसंपर्क कार्यक्रम के तहत पहुंचे।
गांव में पहुंचे तो सामने आईं रोजमर्रा की परेशानियां
आलमगीर आलम ने ग्रामीणों से सीधे मुलाकात कर उनके बीच बैठकर क्षेत्र की समस्याओं और मूलभूत जरूरतों की जानकारी ली। इस दौरान ग्रामीणों ने अपने गांव की उन परेशानियों को सामने रखा, जिनका असर सीधे उनके दैनिक जीवन पर पड़ता है।
ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था, चापाकल, चबूतरा, नाला और पीसीसी सड़क सहित विभिन्न समस्याओं की ओर उनका ध्यान आकृष्ट कराया। किसी के लिए सड़क सिर्फ आवागमन का रास्ता है, तो किसी परिवार के लिए वही सड़क बच्चों के स्कूल जाने, मरीज को अस्पताल पहुंचाने और बाजार तक पहुंचने का सहारा है। इसी तरह पानी और बिजली जैसी सुविधाएं ग्रामीण जीवन की बुनियादी जरूरतों से जुड़ी हुई हैं।
ग्रामीणों की बात सुनी, समस्याओं को बताया महत्वपूर्ण
जनसंपर्क के दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं। आलमगीर आलम ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और संबंधित समस्याओं की जानकारी ली।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र का विकास और ग्रामीणों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। गांवों की वास्तविक जरूरतों को समझे बिना विकास की तस्वीर पूरी नहीं हो सकती। इसलिए ग्रामीणों द्वारा उठाई गई समस्याओं को गंभीरता से लेकर उनके समाधान के लिए आवश्यक पहल की जाएगी।
गांव की आवाज ही विकास की दिशा तय करती है
ग्रामीण क्षेत्रों में विकास का अर्थ केवल बड़ी योजनाओं और निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं है। एक बेहतर सड़क, साफ-सुथरा नाला, पर्याप्त पानी, बिजली की सुविधा और सार्वजनिक उपयोग के लिए चबूतरा जैसी छोटी दिखने वाली जरूरतें ही ग्रामीण जीवन को सहज बनाती हैं।
इसीलिए नवादा और गोध्यईपुर पंचायत के गांवों में हुआ यह जनसंपर्क कार्यक्रम ग्रामीणों के लिए अपनी बात सीधे सामने रखने का अवसर भी बना। ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं बताईं और समाधान की उम्मीद जताई।
आलमगीर आलम ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनके द्वारा बताई गई समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक पहल की जाएगी। अब ग्रामीणों की नजर इस बात पर रहेगी कि जनसंपर्क के दौरान उठी आवाजें आगे किस तरह जमीन पर समाधान का रूप लेती हैं।
जनसंपर्क में कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद
कार्यक्रम के दौरान जिला अध्यक्ष कुमार सरकार, प्रखंड अध्यक्ष मांसारुल हक, विधायक प्रतिनिधि गुलाम अहमद उर्फ बकुल, अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष शाहीन परवेज, देबू विश्वास, अब्दुल बासिर, जिला महासचिव सेलिम हुसैन, मुखिया हारून शेख सहित स्थानीय कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।
नवादा और गोध्यईपुर के गांवों में हुई इस मुलाकात में एक बात स्पष्ट रूप से सामने आई—ग्रामीणों के लिए विकास का मतलब दूर की बड़ी बातें नहीं, बल्कि उनके घर तक पहुंचती सड़क, उनके आंगन तक आती रोशनी और रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाने वाली बुनियादी सुविधाएं हैं। ग्रामीणों ने अपनी आवाज रख दी है; अब उन्हें उस आवाज के समाधान में बदलने का इंतजार है।


