Saturday, November 7, 2026
HomePakurआखिर कहां से आया 23 बोरा केन्दू पत्ता? आधी रात को पकड़ा...
एडिटर इन चीफ
धर्मेन्द्र सिंह

आखिर कहां से आया 23 बोरा केन्दू पत्ता? आधी रात को पकड़ा गया टेम्पू, जांच में नहीं मिले वैध कागजात

देश प्रहरी की खबरें अब Google news पर

क्लिक करें

अमड़ापाड़ा (पाकुड़)। रात का सन्नाटा था। सड़क पर वाहनों की आवाजाही के बीच एक टेम्पू अपने साथ केन्दू पत्तों की बड़ी खेप लेकर गुजर रहा था। किसी को शायद अंदाजा भी नहीं था कि इस वाहन में लदा माल कुछ ही देर में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई की वजह बनने वाला है। लेकिन वन विभाग की नजर जैसे ही इस वाहन पर पड़ी, पूरा मामला बदल गया। जांच हुई तो टेम्पू से 23 बोरा केन्दू पत्ता बरामद हुआ। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि न तो माल पर कोई विभागीय चिह्न मिला और न ही उसके परिवहन से संबंधित वैध कागजात।

आधी रात 11:30 बजे वन विभाग की कार्रवाई

वन विभाग की प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, 6 नवंबर 2026 की रात करीब 11:30 बजे गश्ती के दौरान दुमका-साहेबगंज मुख्य मार्ग पर छोटा पहाड़पुर गांव के पास पेट्रोल पंप के समीप एक केन्दू पत्ता लदे टेम्पू को पकड़ा गया। वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर WB93C-8883 बताया गया है। वन विभाग की टीम ने टेम्पू के साथ उसमें सवार चार अभियुक्तों को पकड़कर अमड़ापाड़ा वन क्षेत्र कार्यालय लाया।

जांच में खुला 23 बोरा केन्दू पत्ते का मामला

वाहन की जांच के दौरान अधिकारियों को उसमें बड़ी मात्रा में केन्दू पत्ता लदा मिला। कुल 23 बोरा केन्दू पत्ता बरामद किया गया। जब इस माल से संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई तो कोई वैध कागजात नहीं मिले। इतना ही नहीं, केन्दू पत्तों पर किसी प्रकार का विभागीय चिह्न भी मौजूद नहीं था। इसके बाद वन विभाग ने इस परिवहन को अवैध मानते हुए जब्ती की कार्रवाई शुरू की।

आखिर कहां से आया इतना केन्दू पत्ता?

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर 23 बोरा केन्दू पत्ता कहां से लाया गया था और इसे कहां पहुंचाया जाना था? प्रेस विज्ञप्ति में माल के वास्तविक स्रोत और उसकी अंतिम मंजिल का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है। हालांकि, कागजात और विभागीय चिह्न नहीं मिलने के बाद वन विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कानूनी कार्रवाई की है। अब इस खेप के स्रोत को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

चार लोग गिरफ्तार, केन्दू पत्ता मालिक भी शामिल

वन विभाग की कार्रवाई में कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें जामीरुल शेख (50 वर्ष), सिटु शेख (30 वर्ष), रेंटू शेख (40 वर्ष) और अब्दुल बहाब (36 वर्ष) शामिल हैं। प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, जामीरुल शेख टेम्पू का चालक था, जबकि अब्दुल बहाब को केन्दू पत्ता का मालिक बताया गया है। सभी आरोपी पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के शमशेरगंज थाना क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।

किन धाराओं में हुई कार्रवाई?

वन विभाग ने जब्त केन्दू पत्ते और टेम्पू के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम, 1927 (बिहार संशोधन 9/1990) की धारा 41, 42 एवं 64 तथा बिहार केन्दू पत्ता (व्यापार-नियंत्रण) अधिनियम, 1973 की धारा 16 और 5 के तहत कार्रवाई की है। इसके अलावा वन अधिनियम की धारा 52 के तहत जब्ती की प्रक्रिया पूरी की गई।

टेम्पू जब्त, चारों आरोपियों को भेजा गया जेल

कार्रवाई के बाद टेम्पू संख्या WB93C-8883 और उसमें लदे कुल 23 बोरा केन्दू पत्ते को जब्ती एवं सुरक्षा के लिए अमड़ापाड़ा वन क्षेत्र कार्यालय लाया गया। गिरफ्तार चारों अभियुक्तों को आगे की कानूनी प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया है। मामले में अमड़ापाड़ा थाना को भी लिखित प्राप्ति की छायाप्रति उपलब्ध कराई गई।

वन विभाग की टीम रही मौजूद

पूरी कार्रवाई वन प्रमंडल पदाधिकारी पाकुड़ श्री सौरभ चन्द्रा के निर्देशन में हुई। इस दौरान वन क्षेत्र पदाधिकारी अमड़ापाड़ा श्री बबलू कुमार देहरी, वनरक्षी सुनील कुमार साहा, संजीव कर्मकार सहित गृह रक्षक जवान अनुज, निलेंदु और बैद्यनाथ यादव समेत अन्य वनकर्मी मौजूद रहे।

अब सबसे बड़ा सवाल, क्या सामने आएगा माल का पूरा नेटवर्क?

अमड़ापाड़ा में आधी रात को हुई इस कार्रवाई ने केन्दू पत्ते के परिवहन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। 23 बोरा केन्दू पत्ता किस स्रोत से आया था, इसे कहां ले जाया जा रहा था और इसके पीछे कोई बड़ा कारोबार या नेटवर्क था या नहीं—इन सवालों का जवाब फिलहाल प्रेस विज्ञप्ति में नहीं है। चार आरोपियों की गिरफ्तारी और पूरी खेप की जब्ती के बाद अब सबकी नजर इस मामले में आगे होने वाली जांच पर टिकी है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments