पाकुड़। नगर परिषद बोर्ड की सामान्य बैठक शनिवार को नगर परिषद सभागार में अध्यक्ष शबरी पाल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में नगर क्षेत्र के विकास और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई और अधिकांश योजनाओं को बोर्ड ने बहुमत से मंजूरी प्रदान की। हालांकि, बैठक की शुरुआत में ही पांच पार्षदों के बहिष्कार से माहौल में अचानक राजनीतिक गर्माहट आ गई। बहिष्कार का सीधा असर उनके वार्डों की विकास योजनाओं पर भी पड़ा।
बैठक में उपाध्यक्ष राणा ओझा और कार्यपालक पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार चौधरी मौजूद रहे। कुल 19 वार्ड पार्षदों ने बैठक में हिस्सा लिया, जबकि दो पार्षद शारीरिक अस्वस्थता के कारण अनुपस्थित रहे। बैठक की शुरुआत पिछली बोर्ड बैठक में पारित प्रस्तावों के क्रियान्वयन और उनकी प्रगति की समीक्षा से हुई। इसके बाद निर्धारित एजेंडों पर चर्चा शुरू की गई।
एजेंडा शुरू होते ही पांच पार्षदों ने किया बहिष्कार
बैठक में चर्चा शुरू होते ही पार्षद किरण लाल कापड़ी, रूपाली सरकार, भीम सिंह चंद्रवंशी, असलम अंसारी और आलमगीर आलम सभागार से बाहर निकल गए। इन पांच पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार किया।
बहिष्कार के बाद भी बोर्ड की बैठक आगे बढ़ी और उपस्थित पार्षदों ने विभिन्न वार्डों से जुड़े विकास प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की। चर्चा के बाद कई योजनाओं को बहुमत के आधार पर स्वीकृति प्रदान की गई।
यूरिनल से लेकर सड़क-नाली और बोरिंग तक कई योजनाओं को मंजूरी
बैठक में वार्ड संख्या 8 में यूरिनल निर्माण की योजना को मंजूरी दी गई। वहीं वार्ड संख्या 20 और 21 में सड़क-सह-नाली निर्माण तथा वार्ड संख्या 7, 11, 20 और 21 में बोरिंग कराने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली।
वार्ड संख्या 11 में पथ निर्माण के साथ नगर क्षेत्र में अतिरिक्त बिजली मिस्त्री की व्यवस्था करने पर भी सहमति बनी। इसके अलावा वार्ड संख्या 19 के कालिकापुर में दुर्गा माता मंदिर के समीप नाली के जीर्णोद्धार का निर्णय लिया गया। इस कार्य के लिए स्थल सीमांकन को लेकर अंचल अधिकारी को पत्र भेजने पर सहमति बनी।
छठ घाट और विवाह भवन से लेकर मार्केट कॉम्प्लेक्स तक प्रस्ताव पारित
वार्ड संख्या 5 में छठ घाट एवं मुखाग्नि स्थल निर्माण के साथ मार्केट कॉम्प्लेक्स-सह-विवाह भवन निर्माण की योजना को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
वहीं वीर कुंवर सिंह भवन परिसर में मार्केट कॉम्प्लेक्स निर्माण के प्रस्ताव को विभागीय स्वीकृति के लिए भेजने का निर्णय लिया गया। इससे नगर क्षेत्र में सार्वजनिक सुविधाओं और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
16वें वित्त आयोग की राशि से विकास योजनाओं पर भी सहमति
बैठक में 16वें वित्त आयोग से प्राप्त राशि से नगर परिषद के सभी 21 वार्डों में जनकल्याणकारी योजनाओं को स्वीकृति प्रदान किए जाने पर भी सहमति बनी। हालांकि, पांच पार्षदों के बहिष्कार के कारण उनके वार्ड संख्या 3, 4, 12, 13 और 17 से संबंधित जनकल्याणकारी योजनाओं पर बैठक में चर्चा नहीं हो सकी।
नतीजा यह रहा कि इन पांच वार्डों की कोई योजना बोर्ड से पारित नहीं हो पाई। ऐसे में बैठक में हुआ बहिष्कार केवल राजनीतिक घटनाक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका असर संबंधित वार्डों की विकास योजनाओं पर भी दिखाई दिया।
उपाध्यक्ष बोले—हर वार्ड का विकास प्राथमिकता
बैठक को संबोधित करते हुए नगर परिषद उपाध्यक्ष राणा ओझा ने कहा कि पाकुड़ नगर परिषद क्षेत्र के सर्वांगीण विकास के लिए नगर परिषद पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने के साथ स्वच्छता, सड़क, नाली, विद्युत और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक वार्ड में आवश्यकता के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बोर्ड स्तर पर लगातार प्रयास किए जाएंगे।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में वार्ड पार्षद निभा देवी, तनु दास, राखी सरदारिन, पूनम देवी, चेनू बीवी, राबिया बीवी, अनिकेत गोस्वामी, राजा अंसारी, रियाज अंसारी, विमल चंद्र राउत, गुड्डू कुमार भगत सहित प्रधान सहायक देवाशीष देव बर्मन और नगर परिषद के कार्यालय कर्मी मौजूद रहे।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पांच पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार क्यों किया और क्या उनके वार्डों की विकास योजनाओं पर आगे किसी दूसरी बैठक में चर्चा होगी? फिलहाल शनिवार की बैठक में विकास योजनाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले हुए, लेकिन पांच वार्डों का विकास एजेंडा बहिष्कार की वजह से चर्चा से बाहर रह गया।


