Saturday, August 1, 2026
HomePakur22 साल से बिना रुके हर शनिवार मिलता है 'दुआ और दवा'......
एडिटर इन चीफ
धर्मेन्द्र सिंह

22 साल से बिना रुके हर शनिवार मिलता है ‘दुआ और दवा’… पाकुड़ की यह सेवा हजारों ग्रामीणों के लिए बनी जीवन की नई उम्मीद!

देश प्रहरी की खबरें अब Google news पर

क्लिक करें

पाकुड़। आज के दौर में जहां बेहतर चिकित्सा सुविधाएं ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाना अब भी एक बड़ी चुनौती मानी जाती है, वहीं झारखंड के पाकुड़ जिले में एक ऐसा सेवा अभियान पिछले 22 वर्षों से बिना किसी रुकावट के लगातार जारी है, जिसने हजारों जरूरतमंद लोगों के जीवन में नई उम्मीद जगाई है। यहां श्री सत्य साईं सेवा समिति, छोटी अलीगंज, पाकुड़ द्वारा प्रत्येक शनिवार आयोजित होने वाला निःशुल्क होम्योपैथिक मेडिकल कैंप केवल इलाज का माध्यम नहीं, बल्कि मानव सेवा, करुणा और समर्पण का जीवंत उदाहरण बन चुका है।

इस शनिवार भी भगवान श्री सत्य साईं बाबा की असीम कृपा एवं दिव्य आशीर्वाद से आयोजित साप्ताहिक मेडिकल कैंप में 89 मरीजों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। चिकित्सकीय परामर्श के बाद सभी जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क होम्योपैथिक दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। दूर-दराज के गांवों से पहुंचे मरीजों ने इस सेवा का लाभ उठाया और समिति के प्रति आभार व्यक्त किया।

22 वर्षों से हर शनिवार जल रही है सेवा की अखंड ज्योति

श्री सत्य साईं सेवा समिति का यह सेवा अभियान कोई नई शुरुआत नहीं, बल्कि लगातार 22 वर्षों से चल रहा एक ऐसा मानवीय प्रयास है, जिसने अनगिनत लोगों के जीवन को छुआ है। हर शनिवार सुबह होते ही समिति परिसर में मरीजों की भीड़ जुटने लगती है। यहां आने वाले लोगों को न केवल चिकित्सकीय परामर्श मिलता है, बल्कि सम्मान, अपनापन और आत्मीयता का अनुभव भी होता है।

समिति का उद्देश्य केवल रोग का उपचार करना नहीं, बल्कि मरीजों में यह विश्वास जगाना भी है कि समाज में आज भी ऐसे लोग हैं जो निःस्वार्थ भाव से मानव सेवा को अपना धर्म मानते हैं।

दूर-दराज के गांवों से पहुंचते हैं मरीज

इस सेवा का लाभ केवल पाकुड़ शहर तक सीमित नहीं है। हर सप्ताह मोहनपुर, बाबूपुर, हिरणपुर, चामरखी, कादमसर, देवपुर, कालिकापुर, रामचंद्रपुर, कसीला, चापाड़ांगा, बहिरग्राम सहित अनेक गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण यहां पहुंचते हैं।

कई ऐसे परिवार हैं जिनके लिए निजी अस्पतालों में इलाज कराना आर्थिक रूप से कठिन होता है। ऐसे लोगों के लिए यह निःशुल्क मेडिकल कैंप किसी वरदान से कम नहीं है। यहां बिना किसी शुल्क के स्वास्थ्य जांच, चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक होम्योपैथिक दवाइयां उपलब्ध कराई जाती हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से चल रही यह सेवा उनके लिए विश्वास और राहत का केंद्र बन चुकी है। वे हर शनिवार इस कैंप का इंतजार करते हैं।

‘दुआ और दवा’ का अनूठा संगम

श्री सत्य साईं सेवा समिति का यह अभियान केवल चिकित्सा सेवा तक सीमित नहीं है। यहां मरीजों को उपचार के साथ-साथ सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और मानवीय संवेदनाओं का भी अनुभव कराया जाता है।

समिति के सदस्य इसे “दुआ और दवा” का संगम मानते हैं। उनका विश्वास है कि जब उपचार के साथ सेवा, प्रेम और शुभकामनाएं जुड़ जाती हैं, तो मरीज का मनोबल भी बढ़ता है और स्वस्थ होने की उम्मीद मजबूत होती है।

यही कारण है कि इस मेडिकल कैंप से लौटने वाले अधिकांश मरीज केवल दवा ही नहीं, बल्कि नई आशा और आत्मविश्वास भी साथ लेकर जाते हैं।

‘ग्राम सेवा ही राम सेवा’ के आदर्श पर चल रहा अभियान

भगवान श्री सत्य साईं बाबा का संदेश “ग्राम सेवा ही राम सेवा है” इस सेवा अभियान की मूल प्रेरणा है। समिति के सभी सेवादल सदस्य इसी आदर्श को अपने जीवन में उतारने का प्रयास कर रहे हैं।

साईं बाबा का एक और संदेश “मानव सेवा ही माधव सेवा है” तथा “Love All, Serve All – Help Ever, Hurt Never” समिति के प्रत्येक सेवा कार्य में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।

समिति का मानना है कि यदि समाज का अंतिम व्यक्ति भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्राप्त कर सके, तभी वास्तविक सेवा का उद्देश्य पूरा होगा।

सेवाभाव से जुटे चिकित्सक और स्वयंसेवक

शनिवार को आयोजित मेडिकल कैंप में डॉ. ज्योति ठाकुर एवं डॉ. देवकांत ठाकुर ने मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उचित चिकित्सकीय परामर्श दिया। वहीं समिति के कन्वीनर रवि ठाकुर, ओम कुमार, मांझी मुर्मू एवं साईं सात्विक ने पूरे कार्यक्रम के संचालन में सेवाभाव से अपनी जिम्मेदारियां निभाईं।

मरीजों का पंजीकरण, स्वास्थ्य परीक्षण, दवाओं का वितरण और व्यवस्था बनाए रखने तक प्रत्येक कार्य पूरी निष्ठा और अनुशासन के साथ किया गया।

मानवता की मिसाल बन चुकी है यह पहल

आज जब चिकित्सा सेवाएं लगातार महंगी होती जा रही हैं, ऐसे समय में 22 वर्षों तक लगातार निःशुल्क मेडिकल कैंप चलाना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। यह पहल केवल स्वास्थ्य सेवा नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व और मानवता का उत्कृष्ट उदाहरण भी है।

समिति के इस अभियान ने यह साबित किया है कि यदि समाज के लोग सेवा को अपना उद्देश्य बना लें, तो संसाधनों की कमी भी जनकल्याण के रास्ते में बाधा नहीं बनती।

हर शनिवार मिलेगा निःशुल्क इलाज

समिति ने सभी ग्रामीणों एवं जरूरतमंद मरीजों से अपील की है कि वे इस सेवा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

जानकारी के अनुसार, श्री सत्य साईं सेवा समिति, छोटी अलीगंज, पाकुड़ द्वारा यह निःशुल्क होम्योपैथिक मेडिकल कैंप प्रत्येक शनिवार सुबह 9:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक नियमित रूप से आयोजित किया जाता रहेगा। यहां आने वाले प्रत्येक जरूरतमंद मरीज का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक होम्योपैथिक दवाइयां निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।

सेवा का संदेश, जो समाज को जोड़ता है

22 वर्षों से लगातार चल रहा यह सेवा अभियान इस बात का प्रमाण है कि निस्वार्थ सेवा, करुणा और मानवता आज भी समाज की सबसे बड़ी ताकत हैं। श्री सत्य साईं सेवा समिति का यह प्रयास न केवल मरीजों का उपचार कर रहा है, बल्कि लोगों के मन में यह विश्वास भी जगा रहा है कि सेवा का कोई विकल्प नहीं होता।

यह पहल हर उस व्यक्ति के लिए प्रेरणा है जो समाज के लिए कुछ अच्छा करना चाहता है। यदि अधिक से अधिक लोग ऐसे सेवा कार्यों से जुड़ें, तो न केवल स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होंगी, बल्कि समाज में सहयोग, संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों की भावना भी और अधिक मजबूत होगी।

समिति का संदेश स्पष्ट है—”मानव सेवा ही सच्ची ईश्वर सेवा है।” इसी भावना के साथ यह अभियान आगे भी अनवरत जारी रहेगा, ताकि हर जरूरतमंद तक दुआ भी पहुंचे और दवा भी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments