🏛️ झालसा के निर्देश पर अभियान का शुभारंभ
झालसा, रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ के तत्वावधान में 90 दिवसीय गहन विधिक जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। इस महत्वपूर्ण अभियान का नेतृत्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, दिवाकर पांडे की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग, विशेषकर वंचित एवं जरूरतमंद लोगों तक कानून की जानकारी पहुंचाना है, ताकि उन्हें न्याय प्राप्त करने में किसी प्रकार की बाधा न हो।
🚶♀️ प्रभात फेरी के माध्यम से जनजागरण
अभियान के तहत पाकुड़ व्यवहार न्यायालय परिसर से एक विशाल प्रभात फेरी निकाली गई, जो भगतपाड़ा, हाटपाड़ा, बिरसा मुंडा चौक होते हुए डॉ भीमराव अंबेडकर चौक तक पहुंची और पुनः न्यायालय परिसर में आकर समाप्त हुई। इस प्रभात फेरी के दौरान लोगों को कानूनी अधिकारों और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूक किया गया। पूरे मार्ग में प्रतिभागियों ने नारे लगाते हुए समाज में जागरूकता का संदेश फैलाया।
👥 अधिकारियों और गणमान्य व्यक्तियों की सहभागिता
इस अवसर पर कई वरिष्ठ न्यायिक एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय रजनीकांत पाठक, अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम कुमार क्रांति प्रसाद, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजीत कुमार चंद्र, डालसा सचिव रूपा बंदना किरो, अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी विशाल मांझी, प्रभारी न्यायाधीश विजय कुमार दास, स्थायी लोक अदालत अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला, जिला बार एसोसिएशन सचिव दीपक ओझा, डीएसपी जितेंद्र कुमार, सिविल सर्जन डॉ सुरेन्द्र कुमार मिश्रा, डीसीपीयू व्यास ठाकुर, एसडीपीओ दयानंद आजाद सहित अनेक अधिकारी एवं कर्मी शामिल हुए। इसके अलावा लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम, पैनल अधिवक्ता, पैरा लीगल वॉलिंटियर्स और न्यायालय कर्मियों की सक्रिय भागीदारी रही।
⚖️ प्रधान जिला न्यायाधीश का संबोधन
कार्यक्रम के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिवाकर पांडे ने कहा कि यह 90 दिवसीय अभियान समाज के उन लोगों तक पहुंचने का एक प्रयास है, जो अब तक कानूनी जानकारी से वंचित हैं। उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में नुक्कड़ नाटक, शिविर और जनसंपर्क कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को कानून के प्रति जागरूक किया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य लोगों को न्याय प्रणाली से जोड़ना और उन्हें उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाना है।
🎭 नुक्कड़ नाटक और शिविरों के जरिए जागरूकता
अभियान के तहत पैनल अधिवक्ता, लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के सदस्य, पुलिस अधिकारी और पैरा लीगल वॉलिंटियर्स मिलकर गांव-गांव जाकर नुक्कड़ नाटक और जागरूकता शिविर आयोजित करेंगे। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को सरकारी योजनाओं, कानूनी सहायता और उनके अधिकारों की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
🚫 सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ अभियान
इस अभियान के अंतर्गत विशेष रूप से बाल श्रम, बाल विवाह, और दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों को समाप्त करने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। प्रभात फेरी के दौरान भी इन मुद्दों पर लोगों को सचेत किया गया और घर-घर तक यह संदेश पहुंचाने का प्रयास किया गया कि इन कुप्रथाओं को जड़ से खत्म करना समाज की जिम्मेदारी है।
👶 पोक्सो एक्ट और बच्चों की सुरक्षा पर फोकस
डालसा सचिव रूपा बंदना किरो ने बताया कि आगामी 90 दिनों तक जिले के सभी प्रखंडों और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसमें खास तौर पर बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों, विशेषकर पोक्सो एक्ट (POCSO Act) के बारे में लोगों को जानकारी दी जाएगी। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाएगा कि हर जरूरतमंद व्यक्ति तक कानूनी सहायता पहुंचे और उन्हें न्याय प्राप्त हो सके।
📢 समाज को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल
इस व्यापक अभियान के माध्यम से प्रशासन का उद्देश्य केवल जागरूकता फैलाना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को न्याय प्रणाली से जोड़ना और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना है। यह पहल निश्चित रूप से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने और न्याय को सुलभ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।


