Wednesday, July 22, 2026
HomePakurडिलीवरी से पहले थम गई थीं उम्मीदें... तभी एक युवक ने 11वीं...
एडिटर इन चीफ
धर्मेन्द्र सिंह

डिलीवरी से पहले थम गई थीं उम्मीदें… तभी एक युवक ने 11वीं बार रक्तदान कर बचाई गर्भवती की जिंदगी!

देश प्रहरी की खबरें अब Google news पर

क्लिक करें

पाकुड़ सदर अस्पताल में समय पर रक्त मिलने से मिली नई उम्मीद

पाकुड़। कहते हैं कि “रक्तदान महादान” केवल एक नारा नहीं, बल्कि किसी की जिंदगी बचाने का सबसे बड़ा माध्यम है। इसका एक प्रेरणादायक उदाहरण उस समय देखने को मिला जब पाकुड़ शहर के सोनाजोड़ी स्थित सदर अस्पताल में इलाजरत एक गर्भवती महिला की डिलीवरी शरीर में खून की भारी कमी के कारण नहीं हो पा रही थी। अस्पताल में मौजूद परिजनों के चेहरे पर चिंता साफ दिखाई दे रही थी। हर गुजरते पल के साथ उनकी बेचैनी बढ़ती जा रही थी, क्योंकि समय पर रक्त नहीं मिलने से मां और गर्भ में पल रहे शिशु, दोनों की सेहत पर खतरा मंडरा रहा था।

ऐसे कठिन समय में लाइफ सेवियर्स समूह, पाकुड़ एक बार फिर जरूरतमंद परिवार के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आया। समूह के एक सदस्य ने बिना किसी देरी के रक्तदान कर न केवल गर्भवती महिला का इलाज शुरू कराने में अहम भूमिका निभाई, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं होता।


खून की कमी से रुकी थी डिलीवरी, परिवार पर टूटा था संकट

जानकारी के अनुसार संग्रामपुर पंचायत निवासी 22 वर्षीय आइनारा खातून गर्भावस्था के दौरान इलाज के लिए सोनाजोड़ी सदर अस्पताल में भर्ती थीं। चिकित्सकीय जांच में पता चला कि उनके शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर काफी कम है और सुरक्षित प्रसव के लिए तत्काल रक्त की आवश्यकता है।

डॉक्टरों ने परिजनों को जल्द से जल्द रक्त की व्यवस्था करने की सलाह दी। यह खबर सुनते ही परिवार के लोग घबरा गए। अस्पताल में भर्ती गर्भवती की स्थिति को देखकर सभी चिंतित थे। समय तेजी से बीत रहा था और हर पल चिंता बढ़ती जा रही थी।


मदद की एक पुकार और तुरंत सक्रिय हुआ लाइफ सेवियर्स समूह

जब हर रास्ता मुश्किल नजर आने लगा, तब मरीज के पति फेतरतुल शेख ने लाइफ सेवियर्स समूह, पाकुड़ से संपर्क कर मदद की गुहार लगाई।

जैसे ही समूह को मामले की जानकारी मिली, उसके सदस्य तुरंत सक्रिय हो गए। समूह ने बिना समय गंवाए ऐसे रक्तदाता की तलाश शुरू कर दी, जिसका रक्त समूह मरीज से मेल खा सके। कुछ ही समय में मदद का इंतजाम हो गया और परिवार की चिंता उम्मीद में बदलने लगी।


गुलाब मुर्तुजा बने फरिश्ता, 11वीं बार किया रक्तदान

मरीज की स्थिति को गंभीर देखते हुए कुमारपुर टोला, रानीपुर निवासी गुलाब मुर्तुजा स्वयं आगे आए और रक्तदान करने का निर्णय लिया।

वे तुरंत रक्त अधिकोष (ब्लड बैंक) पहुंचे और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर स्वेच्छा से रक्तदान किया। उनके द्वारा किए गए इस 11वें स्वैच्छिक रक्तदान के कारण अस्पताल को समय पर रक्त उपलब्ध हो सका, जिसके बाद चिकित्सकों ने गर्भवती महिला का इलाज आगे बढ़ाया।

उनकी इस निस्वार्थ सेवा ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि रक्तदान केवल रक्त देना नहीं, बल्कि किसी की जिंदगी बचाने का संकल्प है।


रक्त मिलने के बाद शुरू हुआ इलाज, परिजनों ने जताया आभार

समय पर रक्त उपलब्ध होने के बाद अस्पताल में चिकित्सकों ने गर्भवती महिला का इलाज शुरू किया। रक्त मिलने से परिवार ने राहत की सांस ली।

मरीज के परिजनों ने रक्तदाता गुलाब मुर्तुजा, लाइफ सेवियर्स समूह तथा अस्पताल के रक्त अधिकोष का दिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि समय पर रक्त नहीं मिलता, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। उनके अनुसार, यह सहायता उनके परिवार के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।


“जब तक स्वस्थ रहूंगा, रक्तदान करता रहूंगा” — गुलाब मुर्तुजा

रक्तदान के बाद गुलाब मुर्तुजा ने कहा कि किसी जरूरतमंद की सहायता करने से जो आत्मिक संतोष मिलता है, उसकी तुलना किसी भी चीज से नहीं की जा सकती।

उन्होंने कहा,

“मैं अपने जीवन में अब तक 11 बार स्वैच्छिक रक्तदान कर चुका हूं। जब तक मैं स्वस्थ रहूंगा, जरूरतमंद लोगों के लिए रक्तदान करता रहूंगा। यदि मेरे एक यूनिट रक्त से किसी की जिंदगी बचती है, तो इससे बड़ी खुशी मेरे लिए और कोई नहीं हो सकती।”

उनकी यह सोच समाज के लिए प्रेरणा का संदेश देती है और युवाओं को भी नियमित स्वैच्छिक रक्तदान के लिए प्रोत्साहित करती है।


लाइफ सेवियर्स समूह लगातार निभा रहा मानव सेवा का दायित्व

लाइफ सेवियर्स समूह, पाकुड़ लंबे समय से जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने का कार्य कर रहा है। समूह के सदस्य दिन-रात किसी भी समय रक्त की आवश्यकता होने पर सक्रिय होकर जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाने का प्रयास करते हैं।

समूह का उद्देश्य केवल रक्त उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि समाज में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता फैलाना भी है, ताकि किसी भी मरीज की जान केवल रक्त की कमी के कारण खतरे में न पड़े।


मौके पर मौजूद रहे समूह के सदस्य और रक्त अधिकोष कर्मी

इस मानवीय सेवा के दौरान लाइफ सेवियर्स समूह के सक्रिय सदस्य मो. मोईदुल इस्लाम भी मौजूद रहे। वहीं रक्त अधिकोष के कर्मचारी नवीन ने रक्तदान की पूरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।

सभी ने रक्तदाता के इस सराहनीय कदम की प्रशंसा करते हुए कहा कि समाज में ऐसे लोगों की वजह से ही जरूरतमंद मरीजों को समय पर जीवनदायी सहायता मिल पाती है।


रक्तदान: एक ऐसा दान, जो सीधे बचाता है जिंदगी

विशेषज्ञों के अनुसार, एक स्वस्थ व्यक्ति नियमित अंतराल पर सुरक्षित रूप से रक्तदान कर सकता है। रक्तदान करने से न केवल जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिलता है, बल्कि रक्तदाता के स्वास्थ्य पर भी सामान्य परिस्थितियों में कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। अस्पतालों में रोजाना दुर्घटना पीड़ितों, गर्भवती महिलाओं, थैलेसीमिया मरीजों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को रक्त की आवश्यकता होती है।

ऐसे में समाज के अधिक से अधिक लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए, ताकि किसी भी मरीज की जिंदगी केवल रक्त की कमी के कारण खतरे में न पड़े।

इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि समय पर किया गया एक यूनिट रक्तदान किसी परिवार की बुझती उम्मीदों को फिर से जगा सकता है। गुलाब मुर्तुजा का यह 11वां रक्तदान केवल एक मानवीय कार्य नहीं, बल्कि समाज के लिए एक ऐसी प्रेरणा है, जो लोगों को “रक्तदान करें, जीवन बचाएं” का संदेश देती है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments