पाकुड़। जेपीएससी परीक्षा को लेकर सड़कों पर उतरा भाजपा युवा मोर्चा
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की परीक्षा में कथित अनियमितताओं और धांधली के आरोपों को लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो), पाकुड़ ने बुधवार को जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया। भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने बिरसा चौक से अंबेडकर चौक तक मशाल जुलूस निकालकर राज्य सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। इस दौरान पूरे शहर में सरकार विरोधी नारों की गूंज सुनाई दी और प्रदर्शनकारियों ने जेपीएससी परीक्षा की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
मशाल जुलूस में गूंजे सरकार विरोधी नारे
मशाल जुलूस का नेतृत्व भाजयुमो जिला अध्यक्ष दीपक साहा ने किया। जुलूस में बड़ी संख्या में भाजपा एवं भाजयुमो कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “छात्रों के साथ अन्याय बंद करो”, “नियोजन नीति लागू करो”, “बाहरी लोगों को नौकरी देना बंद करो”, “नौकरी बेचना बंद करो”, “छात्रों के साथ मनमानी नहीं चलेगी” जैसे नारे लगाकर सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
हाथों में जलती मशालें और सरकार विरोधी नारों के बीच निकले इस जुलूस ने राहगीरों का भी ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि राज्य के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दीपक साहा का आरोप— युवाओं के साथ हो रहा धोखा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजयुमो जिलाध्यक्ष दीपक साहा ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार झारखंड के युवाओं को लगातार धोखा दे रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जेपीएससी और जेएसएससी जैसे सरकारी संस्थानों की साख पर लगातार सवाल उठ रहे हैं और परीक्षाओं की पारदर्शिता संदेह के घेरे में है। उनका कहना था कि सरकार की नाक के नीचे लगातार परीक्षाओं में बड़े स्तर पर कथित धांधली हो रही है, जिससे मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है।
दीपक साहा ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य के स्थानीय युवाओं की उपेक्षा कर बाहरी लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे झारखंड के योग्य अभ्यर्थियों में भारी असंतोष है।
रूपेश भगत ने सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल
भाजपा जिला महामंत्री रूपेश भगत ने भी राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महागठबंधन सरकार के भीतर ही असंतोष का माहौल है और सरकार के मंत्री भी प्रदेश की कानून व्यवस्था तथा प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि जेपीएससी परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी हरियाणा की एक एजेंसी को दी गई थी, जिसके बाद परिणामों को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आई हैं। उन्होंने दावा किया कि जेपीएससी परीक्षा में हरियाणा के लगभग 600 अभ्यर्थियों का चयन हुआ, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
रूपेश भगत ने कहा कि सरकार को इस मामले पर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए ताकि छात्रों के बीच व्याप्त असमंजस और अविश्वास दूर हो सके।
हिसाबी राय ने की सीबीआई जांच की मांग
भाजपा जिला उपाध्यक्ष हिसाबी राय ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार एक सुनियोजित साजिश के तहत जेपीएससी की सीटों को बाहरी अभ्यर्थियों के लिए उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो सच्चाई कभी सामने नहीं आएगी।
उन्होंने मांग की कि इस पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच कराई जाए, ताकि यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच हो सके और दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
हिसाबी राय ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि छात्रों के हितों की अनदेखी जारी रही तो भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे को सड़क से लेकर सदन तक जोरदार तरीके से उठाएगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।
युवाओं के अधिकारों की लड़ाई का किया दावा
भाजपा नेताओं ने कहा कि यह आंदोलन केवल किसी राजनीतिक दल का विरोध नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य और उनके अधिकारों की लड़ाई है। उनका कहना था कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और यदि इसमें किसी प्रकार की गड़बड़ी होती है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर दोषियों को दंडित किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद
मशाल जुलूस एवं विरोध-प्रदर्शन में पूर्व जिलाध्यक्ष अमृत पांडेय, धर्मेंद्र त्रिवेदी, पंकज साह, रतन भगत, जीतू सिंह, पुरुषोत्तम राय, शिवरतन रजवाड़, मिठुन कुमार, मोहन कुमार, सुमन कुमार, पवन डोम, आकाश हरिजन, विक्रम हरिजन, विक्की हरिजन, आशीष कुमार, बापी साह, रंजीत सिंह, राज हरिजन, रोहित हरिजन, विशाल सरदार सहित बड़ी संख्या में भाजपा एवं भाजयुमो के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
जेपीएससी विवाद को लेकर सियासत तेज
जेपीएससी परीक्षा को लेकर उठे विवाद ने झारखंड की राजनीति को एक बार फिर गर्मा दिया है। भाजपा युवा मोर्चा द्वारा किए गए इस प्रदर्शन के माध्यम से सरकार पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं तथा परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाए गए हैं। अब देखना होगा कि सरकार इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर उठ रही मांगों पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।
नोट: इस समाचार में लगाए गए आरोप भाजपा युवा मोर्चा के नेताओं के बयान और प्रदर्शन के दौरान व्यक्त किए गए दावों पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस समाचार में नहीं की गई है तथा संबंधित पक्ष का विस्तृत जवाब उपलब्ध होने पर उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।


