कागज पर उतरे सपने, रंगों में दिखाई दिया भारत का कल
लिट्टीपाड़ा। किसी देश का भविष्य केवल संसद, सरकार और नीतियों से नहीं बनता, बल्कि उन आंखों में भी आकार लेता है, जो आने वाले कल को अपने सपनों में देख रही होती हैं। जब वही सपने रंगों के सहारे कागज पर उतरते हैं, तो चित्र केवल चित्र नहीं रह जाते, वे नई पीढ़ी की सोच, उम्मीद और राष्ट्र के प्रति उसकी कल्पना का आईना बन जाते हैं।
इसी भाव के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत भारतीय जनता पार्टी के बिचामहल मंडल एवं लिट्टीपाड़ा मंडल के संयुक्त तत्वावधान में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, कुमारभाजा, लिट्टीपाड़ा में विद्यार्थियों के लिए चित्रांकन प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यक्रम की संयुक्त अध्यक्षता बिचामहल मंडल अध्यक्ष धनेश्वर साहा एवं लिट्टीपाड़ा मंडल अध्यक्ष बनेश्वर सोरेन ने की।
‘मेरे सपनों का भारत’ बना बच्चों की कल्पना का कैनवास
चित्रांकन प्रतियोगिता की थीम ‘मेरे सपनों का भारत’ रखी गई। इस एक पंक्ति ने विद्यार्थियों की कल्पना को जैसे खुला आकाश दे दिया। किसी ने भारत को विकास की ऊंचाइयों पर देखा, किसी ने आधुनिकता और शिक्षा से समृद्ध राष्ट्र की तस्वीर उकेरी तो किसी ने अपने रंगों में बेहतर भविष्य और मजबूत समाज की कल्पना को आकार दिया।
कागज पर दौड़ती रंगीन रेखाओं के बीच कहीं उम्मीद थी, कहीं आकांक्षा और कहीं उस भारत की तस्वीर थी, जिसे ये बच्चे अपने आने वाले जीवन में देखना चाहते हैं। इन चित्रों में केवल रंगों की चमक नहीं थी, बल्कि नई पीढ़ी के मन में पल रहे भविष्य के विचारों की झलक भी दिखाई दी।
रंगों से निकली राष्ट्रनिर्माण की आवाज
प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को अपनी कल्पना और विचारों को व्यक्त करने का अवसर दिया। ‘मेरे सपनों का भारत’ जैसे विषय ने बच्चों को केवल चित्र बनाने तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें यह सोचने के लिए भी प्रेरित किया कि वे अपने देश को आने वाले वर्षों में किस रूप में देखना चाहते हैं।
यही इस आयोजन की सामाजिक उपयोगिता भी रही। शिक्षा जब किताबों से निकलकर कल्पना, संवाद और सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़ती है, तब विद्यार्थी केवल पाठ सीखने वाला नहीं रहता, बल्कि वह समाज और राष्ट्र के भविष्य के बारे में सोचने वाला नागरिक बनने की दिशा में कदम बढ़ाता है।
नई पीढ़ी की सोच को मिला सार्वजनिक मंच
कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता साहेब हांसदा, अजजा मोर्चा की प्रदेश मंत्री अनीता मुर्मू, पूर्व जिलाध्यक्ष अमृत पांडेय एवं पूर्व जिला उपाध्यक्ष धर्मेंद्र त्रिवेदी सहित अन्य कार्यकर्ता और विद्यालय के शिक्षक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों की रचनात्मकता को सार्वजनिक मंच मिला। राजनीति और सामाजिक संगठनों की ओर से आयोजित ऐसी गतिविधियां जब शिक्षा और विद्यार्थियों के रचनात्मक विकास से जुड़ती हैं, तो उनका प्रभाव केवल कार्यक्रम स्थल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि बच्चों के भीतर अपने समाज और देश के प्रति विचार पैदा करने का माध्यम भी बन सकता है।
हर प्रतिभागी के सपने को मिला सम्मान
चित्रांकन प्रतियोगिता के बाद विद्यालय के प्राचार्य अनंत झा द्वारा सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को पुरस्कृत एवं सम्मानित किया गया। पुष्पा रानी हांसदा, फूलवंती हेंब्रम, रानी किस्कू, सहिला पहारिन, निशा टुडू, स्टेंशिला हांसदा, सुनी पहाड़ीन, अंजू बास्की, नितिशा मरांडी, सुशीला मरांडी, आरुषि सोरेन, अल्बिना मरांडी, लुखी मुर्मू, मोनिका मरांडी, रजीना किस्कू, संगीता बेसरा, नेहा टुडू, अनु टुडू, सुप्रिया सोरेन, स्वाति हेंब्रम, सबासिनी हेंब्रम सहित सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।
यह सम्मान केवल प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए नहीं, बल्कि बच्चों की कल्पना को महत्व देने का भी प्रतीक रहा। क्योंकि हर चित्र में एक छोटा-सा सपना था और हर सपना भविष्य के भारत की किसी न किसी संभावना को अपने भीतर समेटे हुए था।
“सेवा संकल्प केवल कार्यक्रम नहीं, जनभागीदारी का माध्यम”
पूर्व जिलाध्यक्ष अमृत पांडेय ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों को केवल शिक्षा तक सीमित रखने के बजाय उन्हें समाज और राष्ट्र के विकास में अपनी भूमिका समझने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ‘मेरे सपनों का भारत’ जैसी रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों को अपने विचार व्यक्त करने के साथ देश के भविष्य के प्रति जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच विकसित करने का अवसर देती हैं। उनके अनुसार सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य सेवा, सुशासन और जनभागीदारी की भावना को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी अभियान को व्यापक जनसहभागिता से जोड़ रही है। बच्चों के बनाए चित्रों में देश के उज्ज्वल भविष्य और विकसित भारत के प्रति उनकी सोच एवं आकांक्षाएं दिखाई दीं।
सेवा से सुशासन तक की बात
अजजा मोर्चा की प्रदेश मंत्री अनीता मुर्मू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री के रूप में सार्वजनिक जीवन में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक देशभर में विभिन्न सेवा एवं जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
इस दौरान सेवा, जनभागीदारी और जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचने की बात कही गई। राजनीतिक अभियान के इस सामाजिक पक्ष में विद्यार्थियों की भागीदारी ने कार्यक्रम को रचनात्मक स्वरूप दिया।
चित्रों से आगे, समाज की तस्वीर बदलने का संकल्प
पूर्व जिला उपाध्यक्ष धर्मेंद्र त्रिवेदी ने बताया कि सेवा संकल्प अभियान के तहत रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान, प्रदर्शनियां, सेमिनार और सरकारी योजनाओं से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही ब्लॉक स्तर पर ‘सेवा सेतु’ शिविर के माध्यम से लोगों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में सहयोग करने की बात कही गई।
इन गतिविधियों का व्यापक उद्देश्य सेवा और जनभागीदारी को सामाजिक जीवन से जोड़ना है। यदि योजनाओं की जानकारी जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचे और नागरिक अपने अधिकारों एवं उपलब्ध अवसरों के प्रति जागरूक हों, तो जनकल्याण की प्रक्रिया अधिक प्रभावी हो सकती है।
आज कागज पर बना सपना, कल बन सकता है देश की तस्वीर
लिट्टीपाड़ा के एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय में बच्चों ने जिस भारत को अपने रंगों में उतारा, वह केवल एक प्रतियोगिता का विषय नहीं था। वह उस पीढ़ी की कल्पना थी, जो आने वाले वर्षों में देश की सामाजिक, आर्थिक और तकनीकी यात्रा का हिस्सा बनेगी।
आज जिन हाथों में रंगों की पेंसिल है, कल उन्हीं हाथों में किताब, तकनीक, जिम्मेदारी और निर्णय की शक्ति होगी। इसलिए इन चित्रों को केवल प्रतियोगिता की कृतियां मानना शायद इनके अर्थ को छोटा कर देना होगा।
क्योंकि भारत का भविष्य पहले कल्पना में जन्म लेता है, फिर विचार बनता है और अंततः कर्म के रास्ते पर उतरता है। लिट्टीपाड़ा में बच्चों ने रंगों से जो सपने कागज पर उतारे, वे इसी संभावित भविष्य की एक सुंदर झलक बनकर सामने आए।


