हरिनडांगा बाजार स्थित पंजाब नेशनल बैंक में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
पाकुड़। आम नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं तथा जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों के समाधान के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा), पाकुड़ के तत्वावधान में पंजाब नेशनल बैंक, हरिनडांगा बाजार, पाकुड़ में एक विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ दिवाकर पांडेय के निर्देश पर किया गया।
शिविर में बैंक ग्राहकों, आम नागरिकों एवं बैंक कर्मियों को विभिन्न कानूनी प्रावधानों, लोक अदालत की भूमिका तथा जनहित से जुड़ी सेवाओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को न्याय तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना तथा छोटे-छोटे विवादों का सौहार्दपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना था।
स्थायी लोक अदालत के पदाधिकारियों ने दी महत्वपूर्ण जानकारी
कार्यक्रम में स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला, सदस्य मो. अबारुल हक, सदस्य राजीव कुमार झा तथा पंजाब नेशनल बैंक के शाखा प्रबंधक बी. हांसदा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उपस्थित वक्ताओं ने नागरिकों को बताया कि स्थायी लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य लोगों को लंबी और खर्चीली न्यायिक प्रक्रिया से राहत दिलाना तथा विवादों का त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि आज के समय में जागरूकता की कमी के कारण कई लोग अपने अधिकारों और उपलब्ध कानूनी सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पाते हैं। ऐसे में विधिक जागरूकता शिविर समाज के विभिन्न वर्गों तक महत्वपूर्ण जानकारी पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रहे हैं।
जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों का होता है त्वरित समाधान
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बताया कि स्थायी लोक अदालत विशेष रूप से जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों के समाधान के लिए कार्य करती है। इसके माध्यम से विभिन्न प्रकार के मामलों का त्वरित और सौहार्दपूर्ण निपटारा किया जाता है।
उन्होंने विस्तार से बताया कि बैंकिंग सेवाओं, बिजली आपूर्ति, जलापूर्ति, डाक एवं दूरसंचार सेवाओं, परिवहन सेवाओं, अस्पताल एवं स्वास्थ्य सेवाओं, बीमा सेवाओं तथा अन्य जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित विवादों का समाधान स्थायी लोक अदालत के माध्यम से कराया जा सकता है। इससे लोगों को समय और धन दोनों की बचत होती है तथा न्याय प्राप्त करने की प्रक्रिया भी सरल बनती है।
बैंकिंग सुविधाओं एवं वित्तीय सेवाओं पर हुई चर्चा
शिविर में बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित अधिकारियों ने बैंक ग्राहकों को विभिन्न बैंकिंग सुविधाओं, डिजिटल बैंकिंग सेवाओं, खाता संचालन, ऋण संबंधी प्रक्रियाओं तथा ग्राहक अधिकारों की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में उत्पन्न होने वाले कई विवादों का समाधान भी विधिक सेवा संस्थाओं और स्थायी लोक अदालत के माध्यम से किया जा सकता है। इसके लिए ग्राहकों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना आवश्यक है।
निःशुल्क कानूनी सहायता पाने की प्रक्रिया समझाई गई
वक्ताओं ने उपस्थित लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से योग्य व्यक्तियों को मुफ्त कानूनी सहायता, परामर्श एवं न्यायिक सहयोग उपलब्ध कराया जाता है।
लोगों को बताया गया कि इसके लिए आवश्यक दस्तावेजों के साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ में आवेदन जमा करना होता है। आवेदन प्राप्त होने के बाद पात्रता के आधार पर सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
गरीब, महिला, बच्चे, एससी-एसटी एवं दिव्यांगों को मिलता है विशेष लाभ
शिविर में जानकारी दी गई कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, महिलाएं, बच्चे, अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), दिव्यांगजन तथा अन्य पात्र व्यक्ति निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।
अधिकारियों ने कहा कि न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करना विधिक सेवा प्राधिकरण का प्रमुख उद्देश्य है। इसलिए समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को विशेष प्राथमिकता देते हुए उन्हें कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
त्वरित न्याय और सरल प्रक्रिया की विशेषता
कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि स्थायी लोक अदालत की सबसे बड़ी विशेषता त्वरित न्याय, सरल प्रक्रिया तथा आपसी समझौते को बढ़ावा देना है। यहां विवादों के समाधान में दोनों पक्षों के बीच संवाद और सहमति को प्राथमिकता दी जाती है, जिससे रिश्तों और सामाजिक सौहार्द को बनाए रखने में मदद मिलती है।
वक्ताओं ने कहा कि न्यायालयों में लंबित मामलों की संख्या कम करने और आम लोगों को शीघ्र न्याय उपलब्ध कराने में स्थायी लोक अदालत की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
लोगों ने दिखाई रुचि, पूछे कानूनी सहायता से जुड़े सवाल
जागरूकता शिविर के दौरान उपस्थित लोगों ने विभिन्न कानूनी विषयों और जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों के समाधान के बारे में प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तारपूर्वक उत्तर दिया गया। लोगों ने निःशुल्क कानूनी सहायता योजनाओं के प्रति रुचि दिखाई और भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर इन सेवाओं का लाभ लेने की इच्छा व्यक्त की।
बड़ी संख्या में लोग रहे उपस्थित
कार्यक्रम में बैंक कर्मी, पैरा लीगल वॉलंटियर्स, बैंक के ग्राहक तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। सभी ने इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों को उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे शिविरों के आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
यह विधिक जागरूकता शिविर आम नागरिकों को उनके अधिकारों, कानूनी सहायता योजनाओं और जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों के समाधान की जानकारी प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ। कार्यक्रम ने लोगों को यह विश्वास दिलाया कि न्याय केवल न्यायालयों तक सीमित नहीं है, बल्कि विधिक सेवा संस्थाओं के माध्यम से प्रत्येक जरूरतमंद व्यक्ति तक आसानी से पहुंचाया जा सकता है।


