पाकुड़। सदर प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय रामचंद्रपुर में हाल ही में संपन्न हुए विद्यालय प्रबंध समिति (एसएमसी) के पुनर्गठन चुनाव को लेकर प्रशासनिक और सामाजिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से चुनाव संपन्न होने के बावजूद, पराजित पक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर अब गांव के अभिभावकों और ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। इधर गुरुवार को दर्जनों ग्रामीण अधिकारियों को भ्रमित करने वालों के खिलाफ शिकायत लेकर प्रखंड संसाधन केंद्र (,बीआरसी) में बीईईओ से मिलने पहुंचे। हालांकि कार्यालय में छुट्टी की वजह से बीईईओ से मुलाकात नहीं हो पाई। इस दौरान ग्रामीणों में भ्रामक प्रचार और गलत आरोपों को लेकर आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों ने उपायुक्त मेघा भारद्वाज को आवेदन भेजकर पूरे मामले की सच्चाई से अवगत कराने की बात कही। ताकि भ्रामक शिकायतें दर्ज कराने वालों पर कार्रवाई हो। इस दौरान ग्रामीणों के पास उपायुक्त के नाम लिखा एक आवेदन मौजूद था। जिसमें प्रबंध समिति गठन में सरकारी दिशा-निर्देशों के शत-प्रतिशत अनुपालन का जिक्र किया गया है। ग्रामीणों द्वारा उपायुक्त के नाम लिखे गए पत्र के अनुसार, गत 12 सितंबर 2026 को आयोजित ग्रामसभा में चुनाव की पूरी प्रक्रिया मजिस्ट्रेट, पुलिस बल, सभाध्यक्ष और नियुक्त पर्यवेक्षकों की सीधी देखरेख में पूरी की गई थी। अध्यक्ष पद के लिए शमसुद्दीन शेख और मुशर्रफ शेख मैदान में थे। कुल 278 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। कड़े मुकाबले में शमसुद्दीन शेख को 150 मत मिले, जबकि मुशर्रफ शेख को 128 मतों से संतोष करना पड़ा। नियमानुसार शमसुद्दीन शेख को विजेता घोषित किया गया। वहीं चुनाव परिणाम आने के बाद दोनों पक्षों ने कार्यवाही पंजी और आधिकारिक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर परिणाम को सहर्ष स्वीकार किया था।अभिभावकों का कहना है कि ग्रामसभा से पहले 266 पात्र अभिभावकों को मतदाता पर्ची बांटी गई थी। मतदान के दिन दोनों प्रत्याशियों की आपसी सहमति और पहचान के बाद ही समय पर पहुंचे शेष 27 अभिभावकों को पर्ची दी गई थी, जिसके बाद कुल 293 पात्र मतदाताओं में से 278 ने वोट डाला।
ग्रामीणों का आरोप है कि सब कुछ शीशे की तरह साफ होने और खुद हस्ताक्षर करने के बावजूद, पराजित पक्ष अब हार न पचा पाने के कारण प्रशासन को गलत और मनगढ़ंत तथ्य देकर गुमराह कर रहा है। इससे शैक्षणिक संस्थान का माहौल खराब हो रहा है। उपायुक्त के नाम आवेदन पत्र के जरिए ग्रामवासियों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। जिसमें कहा गया है कि प्रशासन अपने स्तर से जांच कराकर इस चुनाव की वास्तविक स्थिति का संज्ञान ले। यह भी मांग किया है कि लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई नवगठित एसएमसी अध्यक्ष को जल्द से जल्द विद्यालय का कार्यभार सौंपा जाए। ग्रामीणों ने गलत बयानी पर कार्रवाई की भी मांग की है। ग्रामीणों की मांग है कि असत्य और भ्रामक सूचनाएं फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
इस पत्र की प्रतिलिपि जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ), जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) और प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीईईओ) को भी सूचनार्थ और आवश्यक कार्रवाई हेतू भेजने की बात कही है। इस दौरान अंसारुल शेख, जमीर शेख, अंजारुल शेख, असिकुल शेख, रफिख शेख, डबलू शेख, बबलू शेख, अब्दुल अजीज, जैनाल शेख, कादिर शेख, सारजेन शेख, मुख्तार शेख, संजीत रविदास, मुजिबुर रहमान, मेसेर अली, साहबुल शेख, काजेम शेख, माहबुल शेख, रोबुल शेख, सद्दाम शेख, कमाल शेख, तारिकुल शेख, काबिर शेख आदि मौजूद थे।


