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नवादा. 6 साल पहले एक युवक की मां के साथ उसी के गांव में बेइज्जती की घटना होती है. महिला को डायन होने का आरोप लगाते हुए न केवल ताने मारे जाते हैं बल्कि गांव के ही कुछ दबंगों की मौजूदगी में नंगा घुमाया जाता है. जब अमूमन आम लोग इस घटना को भूल जाते हैं तो इसी दौरान कुछ ऐसा होता है जो आमतौर पर फिल्मों में होता है. पीड़िता का बेटा अपमान करने वालों से बदला लेने सामने आता है और आरोपी की हत्या कर देता है. फिल्मी कहानी जैसी ये घटना बिहार के नवादा जिला की है.
क्या है पूरा मामला
11 जुलाई को नवादा के वारसलीगंज प्रखंड कार्यालय के समीप कॉलेज के रिटायर्ड क्लर्क उपेंद्र सिंह की गोली मारकर अपराधियों द्वारा हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने इसका खुलासा कर लिया है. नवादा पुलिस ने इस केस में एक पेशेवर शूटर को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से एक लोडेड देसी कट्टा, एक जिंदा कारतूस, एक खोखा और हत्या में प्रयुक्त बाइक और मोबाइल को भी पुलिस ने बरामद किया है. वारसलीगंज थाने में पकरीबरावां एसडीपीओ महेश चौधरी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मर्डर की घटना को 6 साल पहले यानी वर्ष 2017 में हुई घटना के इंतकाम के तौर पर अंजाम दिया गया था.
17 गोलियां मारकर की थी हत्या
वारसलीगंज से दौलतपुर गांव में दौलतपुर गांव निवासी अनिल सिंह की पत्नी को डायन का आरोप लगाते हुए गांव में अर्धनग्न अवस्था कर पूरे गांव में घुमाया गया था. उसी का बदला लिया गया है. 6 साल पहले की घटना में मृतक उपेंद्र सिंह के साथ-साथ विवेकानंद सिंह की भी अहम भूमिका थी. इस घटना का बदला लेने के लिए अनिल सिंह के पुत्र गुड्डू सिंह ने उपेंद्र सिंह की हत्या करवा दी. वर्ष 2017 की घटना के बाद गुड्डू सिंह एवं उनके साथियों द्वारा वर्ष 2018 में विवेकानंद सिंह की 17 गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी. दूसरे आरोपी उपेंद्र सिंह को घटना के 6 साल बाद मौत के घाट उतार दिया.
अपराधी बनकर लिया मां का बदला, बेउर में रची हत्या की साजिश
वर्ष 2017 में हत्या के बाद गुड्डू सिंह अपराधी बन गया और अपने बहनोई के चचेरे भाई कुख्यात अपराधी बकमा निवासी रघुनाथ सिंह के संरक्षण में आकर अपराध करने लगा. फिलहाल रघुनाथ सिंह एवं गुड्डू सिंह जिसने हत्या की साजिश रची थी वो दोनों हत्या के अन्य मामले में पटना के बेउर जेल में बंद हैं. दोनों ने बेउर जेल से इसकी साजिश रची. जेल से ही षड्यंत्र रच कर गुड्डू सिंह अपने छोटे भाई सुधांशु उर्फ लाला और एवं रघुनाथ सिंह के बड़े भाई रामानंद सिंह के होने वाले साले राहुल सिंह जो कि शेखपुरा जिला के शेखोपुर सराय के रहने वाले हैं, दोनों ने हत्या की साजिश रची और पेशेवर शूटर राहुल सिंह ने गोली मारकर उपेंद्र सिंह की हत्या कर दी.
तकनीकी अनुसंधान से हुआ मामले का खुलासा
हत्या के बाद इसको लेकर एक एसआईटी का गठन किया गया था, जिसमें पकरीबरावां एसडीपीओ, वारसलीगंज पुलिस और डीआईयू को शामिल किया गया. गठित एसआईटी टीम ने तकनीकी अनुसंधान सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषकों के आधार पर कांड का सफलतापूर्वक उद्भेदन किया तथा घटना कार्य करने वाले मुख्य शूटर राहुल सिंह को शेखोपुर सराय से गिरफ्तार कर लिया. घटना में साथ देने वाले एक अन्य शूटर लाला जो फिलहाल फरार है उसकी गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस छापेमारी कर रही है. इस प्रकार से पुलिस ने इस हत्याकांड का सफलतापूर्वक उद्भेदन कर दिया.
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Tags: Bihar News, Nawada news
FIRST PUBLISHED : July 18, 2023, 17:09 IST
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