बिजली-पानी की समस्या को लेकर भाजपा का जोरदार विरोध प्रदर्शन
पाकुड़। जिले में लगातार गहराते बिजली और पानी संकट को लेकर मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी ने राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। जिलेभर से पहुंचे भाजपा कार्यकर्ताओं, महिलाओं और स्थानीय नागरिकों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ सड़क पर उतरकर अपना आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शन का नेतृत्व भाजपा जिलाध्यक्ष सरिता मुर्मू ने किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राजमहल के पूर्व विधायक अनंत कुमार ओझा तथा प्रदेश मंत्री-सह-कार्यक्रम प्रभारी कृष्णा महतो मौजूद रहे।
भाजपा का यह आक्रोश प्रदर्शन शहर के रेलवे मैदान से शुरू होकर मुख्य मार्गों से गुजरते हुए सिद्धो-कान्हू मुर्मू पार्क पहुंचकर समाप्त हुआ। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार विरोधी नारे लगाए और बिजली-पानी की बदहाल व्यवस्था के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।
सिर पर मटका रखकर महिलाओं ने जताया विरोध, घड़ा फोड़कर निकाला गुस्सा
इस विरोध प्रदर्शन की सबसे खास बात यह रही कि बड़ी संख्या में शामिल मातृशक्तियों ने सिर पर मटका रखकर प्रदर्शन किया। महिलाओं ने प्रतीकात्मक रूप से खाली मटकों के जरिए पानी संकट को दर्शाया। वहीं कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों ने घड़ा फोड़कर सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया।
चिलचिलाती गर्मी के बावजूद सैकड़ों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और आम लोग प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में मटका, बैनर और पार्टी के झंडे नजर आए। पूरे शहर में “बिजली दो, पानी दो”, “जनता को राहत दो” और “निकम्मी सरकार होश में आओ” जैसे नारों की गूंज सुनाई देती रही।
⚡ ‘पाकुड़ में बिजली के नाम पर सिर्फ आंख मिचौली’ — अनंत कुमार ओझा
सभा को संबोधित करते हुए राजमहल के पूर्व विधायक अनंत कुमार ओझा ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं हर नागरिक का अधिकार हैं, लेकिन झारखंड में इन दोनों समस्याओं ने गंभीर रूप ले लिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनता की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। ओझा ने कहा कि पाकुड़ जिले में बिजली व्यवस्था बदहाल हो चुकी है और वर्षों से मेंटेनेंस के नाम पर केवल बिजली काटी जा रही है, जबकि व्यवस्था में कोई सुधार दिखाई नहीं देता।
उन्होंने कहा कि हल्की बारिश या आंधी आते ही घंटों बिजली आपूर्ति ठप कर दी जाती है। इससे आम लोगों के साथ-साथ छात्रों, दुकानदारों और मरीजों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
🚰 ‘नल से जल योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई’
अनंत कुमार ओझा ने प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी “नल से जल योजना” का उल्लेख करते हुए कहा कि झारखंड में यह योजना भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई गांवों और इलाकों में योजनाएं अधूरी पड़ी हैं और लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने कहा कि पाकुड़, लिट्टीपाड़ा, अमड़ापाड़ा और महेशपुर सहित कई क्षेत्रों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं कई किलोमीटर दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जनता की बुनियादी समस्याओं के समाधान के बजाय केवल घोषणाएं करने में व्यस्त है।
‘कुंभकर्णी नींद में सोई सरकार को जगाने निकली भाजपा’
अपने संबोधन में अनंत कुमार ओझा ने कहा कि भाजपा का यह आंदोलन केवल विरोध प्रदर्शन नहीं बल्कि जनता की आवाज है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन “कुंभकर्णी नींद में सोई सरकार” को जगाने के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द बिजली-पानी की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो भाजपा सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन को और तेज करेगी।
स्मार्ट मीटर को लेकर भी सरकार पर बरसी भाजपा
भाजपा जिलाध्यक्ष सरिता मुर्मू ने भी राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं देने में पूरी तरह असफल रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के दौरान मुफ्त बिजली देने का वादा करने वाली सरकार अब स्मार्ट मीटर लगाकर लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रही है। स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिल में भारी वृद्धि हुई है, जिससे आम जनता परेशान है।
सरिता मुर्मू ने कहा कि आज स्थिति यह हो गई है कि “नल से जल गायब है और बल्ब से बिजली गुल है।” उनके इस बयान पर प्रदर्शनकारियों ने जोरदार समर्थन और तालियों के साथ अपनी सहमति जताई।
🌡️ ‘भीषण गर्मी में महिलाओं को सड़क पर उतरना पड़ा’ — अनुग्राहित प्रसाद साह
भाजपा नेता अनुग्राहित प्रसाद साह ने कहा कि पाकुड़ जिले में पानी और बिजली का संकट बेहद गंभीर हो चुका है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के इस दौर में महिलाओं को घरों में रहना चाहिए था, लेकिन खराब सरकारी व्यवस्था के कारण उन्हें सड़क पर उतरकर आंदोलन करना पड़ रहा है।
उन्होंने सरकार से अविलंब समस्या के समाधान की मांग करते हुए कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो भाजपा आने वाले दिनों में और बड़ा आंदोलन करेगी।
📄 उपायुक्त को सौंपा गया मांग पत्र
प्रदर्शन समाप्त होने के बाद भाजपा का एक दस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त मेघा भारद्वाज से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने उनके कार्यालय कक्ष में बिजली-पानी की समस्याओं के समाधान को लेकर मांग पत्र सौंपा।
भाजपा नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए और पेयजल संकट से जूझ रहे इलाकों में जल्द राहत पहुंचाई जाए।
👥 सैकड़ों कार्यकर्ताओं की रही मौजूदगी
इस विरोध प्रदर्शन में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रमुख रूप से पूर्व प्रदेश मंत्री दुर्गा मरांडी, लिट्टीपाड़ा के पूर्व प्रत्याशी बाबुधन मुर्मू, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मीरा प्रवीण सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष अमृत पांडेय, जिला उपाध्यक्ष हिसाबी राय, जिला महामंत्री रूपेश भगत, साधन झा, जिला परिषद सदस्य पिंकी मंडल, अनिता मुर्मू, सम्पा साह, सुशील साह, हृदयनंद भगत, सुरेंद्र भगत, प्राची चौधरी, पूनम देवी, निधि गुप्ता, अनिकेत गोस्वामी, मंडल अध्यक्ष संजीव भगत, राहुल मिश्रा, सुरेश मंडल, करण मंडल, सुशांत घोष, बापन सरकार, त्रिलोचन दास, धनेश्वर साह, सुकुमार मंडल, वनेश्वर सोरेन, आशीष हेम्ब्रम, मोजेश टुडू, देवीलाल हांसदा, सुरेश भंडारी, कामेश्वर दास, मोहन मंडल, पंकज साह, जयंत मंडल, अक्षय मंडल सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


