📍 लखी नारायणपुर गांव पहुंची वन विभाग की टीम, प्रभावित परिवारों को दी राहत
पाकुड़ वन प्रमंडल की टीम ने मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटना के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए लखी नारायणपुर गांव का दौरा किया। गांव में सियार के हमले से प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर विभागीय अधिकारियों ने राहत एवं सहायता प्रदान की।
वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर मृतक एवं घायलों के परिजनों को सरकारी प्रावधानों के तहत तत्काल मुआवजा राशि उपलब्ध कराई। विभाग की इस त्वरित कार्रवाई से प्रभावित परिवारों को कुछ राहत मिली।
मृतक समीरूल शेख के परिवार को ₹50 हजार की सहायता राशि
सियार हमले की घटना में जान गंवाने वाले समीरूल शेख के परिवार को वन विभाग की ओर से तत्काल ₹50,000 की सहायता राशि प्रदान की गई। यह राशि मौके पर ही विभागीय अधिकारियों द्वारा मृतक के परिजनों को सौंपी गई।
वन विभाग के अधिकारियों ने मृतक परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि विभाग हर संभव सहायता प्रदान करेगा। घटना के बाद गांव में भय और चिंता का माहौल बना हुआ है, जिसे देखते हुए प्रशासन और वन विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
🚑 घायलों को भी मिला मुआवजा, विभाग ने दिया सहयोग का भरोसा
सियार हमले में घायल हुए आजफांरुल शेख निवासी रहसपुर तथा सदीकुल शेख निवासी लखी नारायणपुर को भी विभाग की ओर से तत्काल सहायता राशि दी गई। दोनों घायलों को ₹5,000-₹5,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की गई।
वन विभाग ने कहा कि घायल व्यक्तियों के इलाज और सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। विभागीय टीम लगातार प्रभावित परिवारों के संपर्क में बनी हुई है ताकि किसी प्रकार की अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता होने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।
🌲 वन क्षेत्र पदाधिकारी बबलू कुमार देहरी ने खुद संभाला मोर्चा
मौके पर मौजूद वन क्षेत्र पदाधिकारी बबलू कुमार देहरी ने प्रभावित परिवारों को मुआवजा राशि प्रदान की। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि वन विभाग की टीम लगातार इलाके में निगरानी कर रही है।
उन्होंने बताया कि वन्यजीवों की गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा रात्रि गश्ती और मॉनिटरिंग की विशेष व्यवस्था की गई है ताकि भविष्य में किसी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
🚨 रातभर गांव में कैंप करेगी वन विभाग की टीम
घटना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग ने लखी नारायणपुर गांव में पूरी रात पेट्रोलिंग और मॉनिटरिंग करने का निर्णय लिया है। विभागीय टीम गांव और आसपास के इलाकों में लगातार निगरानी रखेगी ताकि सियार या अन्य वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।
ग्रामीणों को भी रात्रि के समय अकेले बाहर नहीं निकलने तथा बच्चों को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। वन विभाग की इस सक्रियता से गांव के लोगों में कुछ हद तक भरोसा और सुरक्षा की भावना देखी जा रही है।
👥 वन विभाग की टीम रही मौजूद
इस दौरान वन विभाग की टीम में खालिदा खातून, जिब्रान अली सहित अन्य वनकर्मी मौजूद रहे। टीम ने ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली और आवश्यक सावधानियों के बारे में जागरूक किया।
वन प्रमंडल पदाधिकारी, पाकुड़ वन प्रमंडल के निर्देशानुसार विभाग की टीम लगातार क्षेत्र में सक्रिय बनी हुई है। अधिकारियों ने कहा कि मानव और वन्यजीवों के बीच संघर्ष की घटनाओं को रोकने के लिए विभाग आगे भी सतर्कता और निगरानी बनाए रखेगा।


