Tuesday, May 12, 2026
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एडिटर इन चीफ
धर्मेन्द्र सिंह

सड़क पर बहते गंदे पानी से त्रस्त ग्रामीण, प्रशासन की उदासीनता के बाद खुद चंदा जुटाकर बनाई नाली

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📍 अमड़ापाड़ा के रसिक टोला में वर्षों से बनी हुई है जलजमाव की गंभीर समस्या

पाकुड़। जिले के अमड़ापाड़ा प्रखंड अंतर्गत संथाली पंचायत के रसिक टोला में सड़क पर गंदे पानी का लगातार जमाव और बहाव अब ग्रामीणों के लिए बड़ी परेशानी बन चुका है। वर्षों से चली आ रही इस समस्या के कारण स्थानीय लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सड़क पर बहते गंदे पानी और कीचड़ की वजह से लोगों को रोजाना भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि यह सड़क गांव के लिए बेहद महत्वपूर्ण मार्ग है, जहां से प्रतिदिन सैकड़ों लोग हाट-बाजार, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और अन्य जरूरी कार्यों के लिए गुजरते हैं। लेकिन सड़क पर फैले गंदे पानी और दुर्गंध के कारण लोगों का चलना मुश्किल हो गया है।


🌧️ बरसात में और भयावह हो जाती है स्थिति

स्थानीय लोगों के अनुसार सामान्य दिनों में भी सड़क पर गंदा पानी बहता रहता है, लेकिन बारिश के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। बरसात के दौरान पूरे रास्ते में कीचड़ और जलजमाव फैल जाता है, जिससे राहगीरों को काफी परेशानी होती है।

ग्रामीणों ने बताया कि कई बार लोग फिसलकर गिर चुके हैं। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को इस रास्ते से गुजरने में भारी दिक्कत होती है। गंदे पानी से उठने वाली दुर्गंध के कारण आसपास रहने वाले परिवारों का जीवन भी प्रभावित हो रहा है।


कई बार शिकायत के बावजूद नहीं हुआ समाधान

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार पंचायत स्तर पर शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया। लोगों का कहना है कि पंचायत प्रतिनिधियों को बार-बार समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन केवल आश्वासन ही मिला।

ग्रामीणों के अनुसार संथाली पंचायत की उपमुखिया सुप्रिया देवी ने भी इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए कई बार पंचायत के मुखिया से मुलाकात की और गंदे पानी की निकासी के लिए उचित व्यवस्था कराने की मांग की। बावजूद इसके लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं हुई और समस्या जस की तस बनी रही।


🤝 प्रशासन से निराश ग्रामीणों ने खुद उठाया जिम्मा

लगातार उपेक्षा और समाधान में हो रही देरी से नाराज ग्रामीण आखिरकार खुद ही समस्या का समाधान करने के लिए आगे आए। स्थानीय लोगों ने आपसी सहयोग और चंदा जुटाकर सड़क से गंदे पानी की निकासी के लिए अस्थायी नाली निर्माण कराने का निर्णय लिया।

ग्रामीणों ने अपने स्तर पर मजदूर लगाकर तत्काल नाली निर्माण कार्य शुरू कराया ताकि सड़क पर बह रहे गंदे पानी से राहत मिल सके। लोगों का कहना है कि यह कार्य मजबूरी में करना पड़ा क्योंकि लंबे समय से प्रशासन और पंचायत की ओर से कोई पहल नहीं की गई।


अस्थायी नाली बनने से मिली कुछ राहत

ग्रामीणों द्वारा शुरू किए गए नाली निर्माण कार्य के बाद सड़क पर जमा गंदे पानी की निकासी शुरू हुई, जिससे लोगों को कुछ हद तक राहत मिली है। अब धीरे-धीरे सड़क पर जलजमाव कम हो रहा है और आवागमन पहले की तुलना में थोड़ा आसान हुआ है।

हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल अस्थायी समाधान है। यदि जल्द स्थायी और पक्की नाली का निर्माण नहीं कराया गया तो भविष्य में फिर वही स्थिति उत्पन्न हो जाएगी।


‘समय रहते पहल होती तो खुद खर्च नहीं करना पड़ता’

स्थानीय लोगों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यदि पंचायत स्तर पर समय रहते पहल की जाती तो ग्रामीणों को अपने पैसे खर्च कर नाली निर्माण कराने की नौबत नहीं आती। लोगों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की जिम्मेदारी है कि गांवों की मूलभूत समस्याओं का समाधान समय पर किया जाए।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इलाके में जल्द से जल्द स्थायी पक्की नाली का निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में लोगों को इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।


स्वास्थ्य और स्वच्छता पर भी मंडरा रहा खतरा

गंदे पानी के लगातार जमाव से इलाके में संक्रमण और बीमारियों का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जलजमाव के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे डेंगू, मलेरिया और अन्य बीमारियों का डर बना हुआ है।

लोगों ने प्रशासन से मांग की कि स्वच्छता और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस समस्या का स्थायी समाधान जल्द सुनिश्चित किया जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके और गांव का वातावरण स्वच्छ बना रहे।

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