Sunday, May 17, 2026
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एडिटर इन चीफ
धर्मेन्द्र सिंह

मंडल कारा में जेल अदालत और स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित, बंदियों को मिली कानूनी अधिकारों की विस्तृत जानकारी

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झालसा रांची के निर्देश पर डालसा पाकुड़ की पहल

पाकुड़। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची (झालसा) के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) पाकुड़ के तत्वावधान में पाकुड़ मंडल कारा में जेल अदालत सह चिकित्सीय जांच शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ दिवाकर पांडेय के निर्देश पर किया गया। कार्यक्रम में बंदियों को कानूनी सहायता, प्ली बार्गेनिंग, जमानत कानून तथा स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

यह शिविर बंदियों को न्यायिक प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने, उन्हें त्वरित कानूनी सहायता उपलब्ध कराने तथा स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा के उद्देश्य से आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के दौरान बंदियों के स्वास्थ्य की जांच के साथ-साथ जेल की व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया गया।


दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम की शुरुआत जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ की सचिव रूपा बंदना किरो, लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के चीफ सुबोध कुमार दफादार, डिप्टी चीफ मो नुकुमुद्दीन शेख, एलएडीसीएस के सहायक गंगाराम टुडू, चिकित्सक डॉ एस.के. झा, डॉ संभली तथा जेल प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर की गई।

इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि जेल अदालत और स्वास्थ्य जांच शिविर का उद्देश्य बंदियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और न्याय तक उनकी आसान पहुंच सुनिश्चित करना है।


बंदियों को दी गई कानूनी अधिकारों की जानकारी

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डालसा सचिव रूपा बंदना किरो ने बंदियों को विभिन्न कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से “प्ली बार्गेनिंग” के महत्व को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि यदि कोई बंदी स्वेच्छा से अपना दोष स्वीकार करता है, तो उसे कानून के तहत कई प्रकार की राहत मिल सकती है।

उन्होंने कहा कि छोटे और सुलहनीय अपराधों में प्ली बार्गेनिंग की अर्जी देने पर सजा में कमी, मुकदमे का शीघ्र निपटारा, जेल से जल्द रिहाई और समय की बचत जैसे लाभ प्राप्त हो सकते हैं। बंदियों को यह भी बताया गया कि किन मामलों में प्ली बार्गेनिंग लागू होती है तथा इसकी कानूनी प्रक्रिया क्या है।


“निःशुल्क कानूनी सहायता हर जरूरतमंद का अधिकार”

कार्यक्रम के दौरान लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के डिप्टी चीफ मो नुकुमुद्दीन शेख ने बंदियों को डालसा द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद व्यक्तियों को न्याय दिलाने के लिए विधिक सेवा प्राधिकार लगातार कार्य कर रहा है।

उन्होंने बंदियों को जमानत से संबंधित कानून, कानूनी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया तथा न्यायालयीन प्रक्रियाओं के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को निष्पक्ष न्याय पाने का अधिकार है और डालसा इसी उद्देश्य से समाज के अंतिम व्यक्ति तक कानूनी सहायता पहुंचा रहा है।


जेल परिसर में लगा स्वास्थ्य जांच शिविर

जेल अदालत के साथ-साथ मंडल कारा परिसर में मेडिकल कैंप का भी आयोजन किया गया। इस दौरान बंदियों की बीपी, शुगर समेत अन्य सामान्य स्वास्थ्य जांच की गई। चिकित्सकों की टीम ने बंदियों के स्वास्थ्य की स्थिति का परीक्षण कर आवश्यक चिकित्सीय सलाह भी दी।

स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीम ने बंदियों की नियमित जांच, दवा उपलब्धता और स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने कहा कि जेल में बंद व्यक्तियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा भी प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।


जेल पुस्तकालय और व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण

डालसा सचिव रूपा बंदना किरो ने कार्यक्रम के दौरान जेल परिसर का निरीक्षण भी किया। उन्होंने जेल पुस्तकालय, विभिन्न रजिस्टरों और प्रशासनिक अभिलेखों की जांच की। साथ ही जेल में उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं, स्वच्छता व्यवस्था और बंदियों को मिलने वाली सेवाओं की समीक्षा की गई।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेल प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए बंदियों के अधिकारों और सुविधाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जेल सुधार और बंदियों के पुनर्वास के लिए संवेदनशील एवं व्यवस्थित व्यवस्था जरूरी है।


कानूनी जागरूकता और सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के जेल अदालत सह चिकित्सीय जांच शिविर बंदियों के बीच कानूनी जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे न केवल मामलों के त्वरित निष्पादन में मदद मिलती है, बल्कि बंदियों को मानसिक और सामाजिक रूप से भी सकारात्मक सहयोग मिलता है।

कार्यक्रम के माध्यम से बंदियों को यह संदेश दिया गया कि कानून केवल दंड देने का माध्यम नहीं बल्कि सुधार और न्याय सुनिश्चित करने का भी महत्वपूर्ण साधन है।


ये लोग रहे मौजूद

इस अवसर पर डालसा के कर्मी, जेल प्रशासनिक अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के चिकित्सक, मेडिकल टीम के सदस्य तथा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित वातावरण में संपन्न हुआ।

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