पाकुड़। शारदीय नवरात्र और दुर्गा पूजा की आस्था से जब पूरा पाकुड़ मां दुर्गा के स्वागत की तैयारी में जुटने वाला है, उससे पहले शहर की नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने की कवायद भी तेज हो गई है। श्रद्धालुओं को पूजा पंडालों तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी न हो और दुर्गोत्सव के दौरान शहर स्वच्छ, रोशन एवं व्यवस्थित नजर आए, इसे लेकर पाकुड़ नगर परिषद ने विशेष पहल शुरू की है।
मां के स्वागत से पहले व्यवस्था को संवारने की तैयारी
दुर्गा पूजा को लेकर नगर परिषद उपाध्यक्ष राणा ओझा की विशेष पहल तथा वार्ड संख्या 6, 7, 8, 9, 10, 11, 14, 16, 18, 19, 20 एवं 21 के पार्षदों के आग्रह पर नगर परिषद पाकुड़ बोर्ड की विशेष बैठक 5 अक्टूबर 2026 को अपराह्न 3 बजे नगर परिषद सभागार में आयोजित की जाएगी। बैठक में दुर्गोत्सव से जुड़ी नागरिक सुविधाओं को लेकर महत्वपूर्ण विचार-विमर्श किया जाएगा।
सफाई से लेकर कचरा उठाव तक बनेगी विशेष व्यवस्था
बैठक में नगर क्षेत्र की साफ-सफाई, पूजा पंडालों और उनके आसपास स्वच्छता, नियमित कचरा उठाव तथा नालियों की सफाई जैसे विषय प्रमुख रूप से शामिल रहेंगे। पूजा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने को देखते हुए प्रमुख पूजा स्थलों के आसपास विशेष सफाई अभियान चलाने और आवश्यक स्थानों पर कूड़ेदान उपलब्ध कराने पर भी चर्चा होगी।
24 पूजा स्थलों पर उमड़ेगा आस्था का सैलाब
बताया गया कि पाकुड़ नगर क्षेत्र में लगभग 24 स्थानों पर दुर्गा पूजा का आयोजन किया जाता है। शारदीय नवरात्र के दिनों में इन पूजा स्थलों पर परिवार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में पूजा पंडालों के आसपास स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता केवल प्रशासनिक व्यवस्था नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी भी बन जाती है।
अंधेरी राहों को रोशन करने पर भी रहेगा जोर
दुर्गोत्सव के दौरान शाम और रात्रि के समय पूजा पंडालों की ओर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ जाती है। इसे देखते हुए पथ प्रकाश व्यवस्था को भी विशेष प्राथमिकता देने की तैयारी है। खराब या बंद स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त कराने के साथ प्रमुख मार्गों और पूजा स्थलों के आसपास पर्याप्त रोशनी सुनिश्चित करने को लेकर बैठक में चर्चा की जाएगी, ताकि मां के दरबार तक पहुंचने वाली भक्तों की राह रोशनी से जगमगाती रहे।
प्यासे श्रद्धालुओं के लिए पानी, साफ रास्तों पर भी ध्यान
पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए पेयजलापूर्ति और नालियों की सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। नगर परिषद का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पूजा स्थलों के आसपास जलजमाव, गंदगी या पेयजल की कमी जैसी समस्याओं से लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए समय रहते आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने पर विचार किया जाएगा।
दुर्गोत्सव केवल पूजा नहीं, सामाजिक एकता का पर्व
नगर परिषद उपाध्यक्ष राणा ओझा ने कहा कि दुर्गा पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि श्रद्धा, आस्था, भक्ति और सामाजिक एकता का पर्व है। मां दुर्गा के दर्शन के लिए आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को स्वच्छ, सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण मिले, यह सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पूजा के दौरान नगर परिषद के सभी 21 वार्डों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के साथ पूजा पंडालों के आसपास विशेष ध्यान दिया जाएगा।
5 अक्टूबर की बैठक में तय होगी तैयारी की दिशा
राणा ओझा ने कहा कि दुर्गा पूजा को लेकर समय रहते सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने के उद्देश्य से 5 अक्टूबर की विशेष बोर्ड बैठक बुलाई गई है। बैठक में मुख्य रूप से सफाई, कचरा उठाव, पथ प्रकाश, पेयजलापूर्ति, नालियों की सफाई और पूजा स्थलों के आसपास श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी, ताकि दुर्गोत्सव के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न रहे।
भक्ति के साथ व्यवस्था का भी उत्सव बनेगा दुर्गोत्सव
नगर परिषद की इस पहल का उद्देश्य दुर्गोत्सव को केवल पूजा और उत्सव तक सीमित रखने के बजाय उसे स्वच्छता, नागरिक जिम्मेदारी और सामाजिक सहभागिता से जोड़ना है। मां दुर्गा के जयकारों से जब पाकुड़ का वातावरण भक्तिमय होगा, तब स्वच्छ गलियां, रोशन रास्ते, उपलब्ध पेयजल और व्यवस्थित पूजा स्थल उस आस्था को सुविधाओं का सहारा देंगे। यही प्रयास दुर्गोत्सव को श्रद्धा के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी का भी उत्सव बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।


