पाकुड़। अगर बिजली बिल, बीमा सेवा या किसी अन्य जनोपयोगी सेवा को लेकर आपका विवाद चल रहा है और आप लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया में उलझना नहीं चाहते, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे मामलों के त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान को लेकर पाकुड़िया में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर में स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली और आम लोगों के अधिकारों की जानकारी दी गई।
झालसा, रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ के तत्वावधान में यह विधिक जागरूकता शिविर झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक, पाकुड़िया में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ दिवाकर पांडेय के निर्देश पर किया गया।
कार्यक्रम में स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला, सदस्य मो. अबरारुल हक एवं राजीव कुमार झा तथा बैंक के ब्रांच मैनेजर बिपीन गौरव सहित बैंक कर्मी, ग्राहक और आमजन मौजूद रहे।
जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों का आसान रास्ता
स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष अशोक कुमार शुक्ला ने लोगों को स्थायी लोक अदालत की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराना और जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित विवादों का त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान करना स्थायी लोक अदालत की प्राथमिकताओं में शामिल है।
उन्होंने बताया कि लोक अदालत में मामलों का निष्पादन मुख्य रूप से पक्षकारों के बीच सुलह और समझौते के आधार पर कराया जाता है। बिजली सेवा, बीमा सेवा तथा अन्य जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित विवादों को आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण तरीके से सुलझाने का प्रयास किया जाता है।
इससे लोगों को लंबे समय तक विवाद में फंसे रहने के बजाय आपसी सहमति से समाधान का रास्ता मिल सकता है।
किन लोगों को मिल सकती है कानूनी सहायता?
स्थायी लोक अदालत के सदस्य मो. अबरारुल हक ने बताया कि समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों के लिए विधिक सहायता का विशेष महत्व है। उन्होंने कहा कि गरीब, महिलाएं, बच्चे, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांगजन सहित पात्र व्यक्ति सुलह योग्य मामलों में स्थायी लोक अदालत की सुविधा का लाभ ले सकते हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि कानूनी जानकारी के अभाव में अपने अधिकारों से वंचित न रहें। किसी विवाद की स्थिति में उचित कानूनी मार्गदर्शन लेकर समाधान की दिशा में कदम उठाया जा सकता है।
कैसे शुरू होगी मामले के समाधान की प्रक्रिया?
स्थायी लोक अदालत के सदस्य राजीव कुमार झा ने मामलों के निपटारे की प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि त्वरित न्याय, सरल प्रक्रिया, पक्षकारों के बीच समझौते को बढ़ावा और न्याय तक आसान पहुंच स्थायी लोक अदालत की प्रमुख विशेषताओं में शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि इच्छुक व्यक्ति आवश्यक दस्तावेजों के साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पाकुड़ में आवेदन देकर इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं। मामले की प्रकृति और पात्रता के अनुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जाती है तथा दोनों पक्षों के बीच सहमति से विवाद के समाधान का प्रयास किया जाता है।
बैंक ग्राहकों को भी दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
विधिक जागरूकता शिविर में केवल कानूनी सहायता की जानकारी ही नहीं दी गई, बल्कि बैंकिंग सुविधाओं और सेवाओं से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की गईं। बैंक कर्मियों ने ग्राहकों को बैंक की विभिन्न सेवाओं और सुविधाओं के बारे में बताया।
कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को यह समझाना भी रहा कि किसी सेवा से संबंधित समस्या या विवाद उत्पन्न होने पर उसे लेकर चुप रहने के बजाय उचित मंच पर अपनी शिकायत और समस्या रखनी चाहिए।
आम लोगों के लिए उपयोगी साबित हुआ शिविर
शिविर में मौजूद बैंक ग्राहकों और आम लोगों ने स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली से जुड़ी जानकारी को उपयोगी बताया। कार्यक्रम के दौरान लोगों को यह संदेश दिया गया कि न्याय प्राप्त करने के लिए हर विवाद में लंबी और जटिल प्रक्रिया ही एकमात्र रास्ता नहीं है। पात्र मामलों में सुलह, समझौते और विधिक सहायता के माध्यम से भी समाधान की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।
मौके पर बैंक कर्मियों, बैंक ग्राहकों एवं आमजनों के साथ पैरा लीगल वॉलंटियर्स प्रियंका झा और सीमा साहा भी उपस्थित रहीं।
पाकुड़िया में आयोजित इस विधिक जागरूकता शिविर ने आम लोगों को एक महत्वपूर्ण जानकारी दी कि बिजली, बीमा और अन्य जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े सुलह योग्य विवादों के समाधान के लिए स्थायी लोक अदालत एक महत्वपूर्ण विकल्प हो सकती है। जरूरतमंद और पात्र लोग विधिक सहायता की जानकारी लेकर अपने विवाद के समाधान की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।


