Saturday, September 26, 2026
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एडिटर इन चीफ
धर्मेन्द्र सिंह

कागज पर उभरा विकसित भारत का सपना, लिट्टीपाड़ा में विद्यार्थियों ने दिखाई नई पीढ़ी की सोच

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पाकुड़। किसी देश का भविष्य केवल नीतियों और योजनाओं से नहीं बनता, बल्कि उन सपनों से भी आकार लेता है, जिन्हें उसकी नई पीढ़ी अपनी आंखों में संजोती है। जब वही सपने कागज पर रंगों का रूप लेते हैं और शब्दों के माध्यम से मंच पर उतरते हैं, तो उनमें आने वाले भारत की तस्वीर दिखाई देने लगती है। लिट्टीपाड़ा के एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, कुमारभाजा में आयोजित ड्राइंग एवं भाषण प्रतियोगिता में कुछ ऐसा ही दृश्य देखने को मिला, जहां विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता के माध्यम से विकसित भारत की कल्पना को अभिव्यक्ति दी।

सेवा संकल्प अभियान में दिखी विद्यार्थियों की भागीदारी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत भारतीय जनता पार्टी के बिचामहल मंडल एवं लिट्टीपाड़ा मंडल की ओर से विद्यार्थियों के लिए यह प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यक्रम की संयुक्त अध्यक्षता बिचामहल मंडल अध्यक्ष धनेश्वर साहा और लिट्टीपाड़ा मंडल अध्यक्ष बनेश्वर सोरेन ने की।

प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल प्रतिस्पर्धा का मंच देना नहीं, बल्कि उनके भीतर छिपी कल्पनाशक्ति, अभिव्यक्ति और सामाजिक चेतना को सामने लाने का अवसर देना भी रहा।

रंगों में देश, सपनों में विकसित भारत

ड्राइंग प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने कागज को अपनी कल्पनाओं का कैनवास बनाया। किसी चित्र में विकसित भारत की तस्वीर दिखाई दी तो किसी में देशभक्ति का रंग गहरा था। स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, सेवा और सामाजिक जागरूकता जैसे विषय भी विद्यार्थियों की कलम और रंगों के माध्यम से सामने आए।

इन चित्रों में केवल रंग और रेखाएं नहीं थीं, बल्कि एक ऐसी पीढ़ी की सोच थी जो अपने आसपास के समाज और देश को बेहतर बनाने के सपने देख रही है। छोटे-छोटे हाथों से बनाए गए चित्रों में बड़े भारत की कल्पना ने कार्यक्रम को सामाजिक सरोकार का स्वर दिया।

भाषण में उभरी नई पीढ़ी की आवाज

भाषण प्रतियोगिता ने विद्यार्थियों को अपने विचारों को शब्द देने का अवसर दिया। मंच पर खड़े विद्यार्थियों ने अपनी समझ और दृष्टिकोण के अनुसार देश, समाज और भविष्य से जुड़े विषयों पर विचार रखे।

किसी बच्चे के लिए राष्ट्र केवल नक्शे पर बनी सीमा नहीं था, बल्कि समाज, प्रकृति, शिक्षा और जिम्मेदारी से जुड़ा विचार था। यही वजह रही कि प्रतियोगिता एक सामान्य विद्यालयी आयोजन से आगे बढ़कर नई पीढ़ी की सोच को सुनने का माध्यम बन गई।

नेताओं ने रचनात्मकता को बताया भविष्य की ताकत

कार्यक्रम में अजजा मोर्चा की प्रदेश मंत्री अनीता मुर्मू, पूर्व जिलाध्यक्ष अमृत पांडेय और पूर्व जिला उपाध्यक्ष धर्मेंद्र त्रिवेदी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

वरिष्ठ नेता साहेब हांसदा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित सेवा संकल्प अभियान के तहत विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपनी रचनात्मकता और अभिव्यक्ति कौशल का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि ड्राइंग प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विकसित भारत के साथ देशभक्ति, सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों को चित्रों के माध्यम से सामने रखा।

विकसित भारत के लक्ष्य पर राजनीतिक संदेश

पूर्व जिलाध्यक्ष अमृत पांडेय ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने संवैधानिक शक्तियों का उपयोग गरीबों के कल्याण, अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, राष्ट्रीय सुरक्षा को सुदृढ़ करने और लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान के लिए किया है। उन्होंने कहा कि देश विकसित भारत-2047 के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रहा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस संकल्प को जनता के बीच मजबूत किया है।

उनका यह वक्तव्य कार्यक्रम के राजनीतिक पक्ष को सामने लाता है, जबकि विद्यार्थियों की भागीदारी ने इसी आयोजन को सामाजिक और शैक्षणिक आयाम भी दिया।

राजनीति से आगे समाज और भविष्य का सवाल

ऐसे आयोजनों का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि राजनीतिक विचारों के बीच बच्चों की रचनात्मकता और सामाजिक चेतना के लिए जगह बनती है। विकसित भारत की कल्पना आखिरकार केवल आर्थिक आंकड़ों या सरकारी योजनाओं तक सीमित नहीं है। इसका संबंध शिक्षा, स्वच्छता, पर्यावरण, सामाजिक जिम्मेदारी और नागरिक चेतना से भी जुड़ता है।

कुमारभाजा के एकलव्य विद्यालय में विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए चित्र और दिए गए भाषण इसी व्यापक सोच की एक झलक रहे। कागज पर बनी तस्वीरें भले ही प्रतियोगिता का हिस्सा थीं, लेकिन उनमें दिखाई दे रहे सपने आने वाले समाज की संभावित तस्वीर भी बयां कर रहे थे।

बच्चों के रंगों में भविष्य की एक तस्वीर

कार्यक्रम का सबसे भावपूर्ण पक्ष यही रहा कि विकसित भारत की चर्चा केवल नेताओं के भाषणों तक सीमित नहीं रही। उसे विद्यार्थियों ने अपनी भाषा, रंग और कल्पना में भी जगह दी।

किसी चित्र में स्वच्छ वातावरण था, किसी में देशभक्ति की भावना और किसी में विकास की कल्पना। इन अलग-अलग रंगों को जोड़ें तो एक ही तस्वीर उभरती है—एक ऐसी नई पीढ़ी, जो अपने देश को लेकर सपने देखती है और उन सपनों को शब्दों तथा रंगों में व्यक्त करने का साहस भी रखती है।

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