Wednesday, October 28, 2026
HomePakurविकास पर सियासी घमासान के बीच वार्ड 17 में शिलान्यास, राणा ओझा...
एडिटर इन चीफ
धर्मेन्द्र सिंह

विकास पर सियासी घमासान के बीच वार्ड 17 में शिलान्यास, राणा ओझा ने दिया जवाब

देश प्रहरी की खबरें अब Google news पर

क्लिक करें

पाकुड़। शहर की गलियों में विकास की आहट जब सुनाई देती है, तो उसके साथ उम्मीदों के कई दीप भी जल उठते हैं। कहीं जर्जर सड़क से मुक्ति की आस होती है, तो कहीं जलजमाव से निजात पाने की उम्मीद। पाकुड़ नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 17 में श्री हनुमान मंदिर से आदर्श नगर कैलभट तक पीसीसी सड़क-सह-आरसीसी नाली निर्माण कार्य का शिलान्यास इसी उम्मीद की एक नई कड़ी बनकर सामने आया है। हालांकि, इस विकास कार्य के बीच नगर परिषद की राजनीति में उठ रहे सवालों और आरोपों ने भी चर्चा को नया मोड़ दे दिया है।

कुल 24 लाख 80 हजार रुपये की लागत से बनने वाली इस सड़क और नाली योजना का शिलान्यास नगर परिषद अध्यक्ष शबरी पाल, उपाध्यक्ष राणा ओझा, कार्यपालक पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार चौधरी और वार्ड पार्षद आलमगीर अन्सारी ने संयुक्त रूप से किया। योजना के धरातल पर उतरने की शुरुआत से स्थानीय लोगों में खुशी देखी गई। लंबे समय से खराब सड़क और नाली की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण परेशानियों का सामना कर रहे लोगों को अब राहत मिलने की उम्मीद है।

सड़क और नाली का सवाल, सीधे जनता की जिंदगी से जुड़ा मुद्दा

किसी भी शहर के विकास की असली तस्वीर केवल बड़ी योजनाओं और चमकती इमारतों से नहीं बनती, बल्कि उन गलियों से भी बनती है, जहां रोजाना आम लोग अपने कामकाज के लिए गुजरते हैं। बरसात में पानी निकासी की समस्या हो या जर्जर सड़क पर आवागमन की परेशानी, इसका सीधा असर स्थानीय निवासियों के दैनिक जीवन पर पड़ता है।

वार्ड 17 में प्रस्तावित निर्माण कार्य इसी बुनियादी जरूरत से जुड़ा है। सड़क बनने से आवागमन सुगम होने और आरसीसी नाली के निर्माण से जल निकासी की समस्या कम होने की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि, इस उम्मीद को स्थायी राहत में बदलने के लिए निर्माण कार्य की गुणवत्ता, समयबद्धता और नियमित निगरानी भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी।

स्थानीय स्तर पर विकास का अर्थ तभी पूरा होगा, जब योजना का लाभ आम लोगों तक पहुंचे और उन्हें लंबे समय तक उसका फायदा मिले।

समावेशी विकास के लिए नगर परिषद प्रतिबद्ध : शबरी पाल

नगर परिषद अध्यक्ष शबरी पाल ने कहा कि पाकुड़ शहर का सर्वांगीण विकास और नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर परिषद की प्राथमिकता है। सड़क, नाली, स्वच्छता और जल निकासी जैसी समस्याएं सीधे आम लोगों के जीवन से जुड़ी हैं, इसलिए इनका समाधान करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नगर क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। वार्ड संख्या 17 में पीसीसी सड़क-सह-आरसीसी नाली निर्माण की पहल से स्थानीय लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। उन्होंने विश्वास जताया कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से पाकुड़ को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में सकारात्मक बदलाव आएगा। नगर परिषद का प्रयास है कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे और नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलें।

विकास कार्यों पर उठे सवाल, राणा ओझा ने दिया जवाब

शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान नगर परिषद उपाध्यक्ष राणा ओझा ने विकास योजनाओं में भेदभाव किए जाने के आरोपों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि पाकुड़ नगर परिषद क्षेत्र का समग्र विकास उनकी प्राथमिकता है और प्रत्येक वार्ड की जरूरतों को ध्यान में रखकर योजनाओं का चयन किया जा रहा है।

राणा ओझा के अनुसार, वार्ड 17 में शिलान्यास की गई योजना परिवहन मद से विभागीय रूप से प्राप्त दो करोड़ रुपये के आवंटन के अंतर्गत बोर्ड द्वारा पारित योजनाओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि कुछ वार्ड पार्षदों द्वारा इस मद में योजनाएं नहीं मिलने की बात उठाकर जनता के बीच भ्रम फैलाने और विकास कार्यों में भेदभाव के आरोप लगाने की बात कही जा रही थी।

उपाध्यक्ष ने वार्ड 17 में इसी मद से योजना का शिलान्यास होने को इन आरोपों के जवाब के रूप में प्रस्तुत किया। उनका कहना था कि नगर परिषद का उद्देश्य राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में उलझना नहीं, बल्कि शहर की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना है।

हालांकि, विकास योजनाओं के चयन को लेकर उठने वाले सवालों का व्यापक समाधान पारदर्शी प्रक्रिया, वार्डवार योजनाओं की जानकारी और आवंटन के स्पष्ट विवरण से ही संभव है। इससे न केवल जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद बेहतर होगा, बल्कि आम नागरिकों का भरोसा भी मजबूत होगा।

विकास की राजनीति या राजनीति के बीच विकास?

स्थानीय निकायों की राजनीति में सड़क, नाली, सफाई और पेयजल जैसे मुद्दे अक्सर चर्चा के केंद्र में रहते हैं। वजह भी स्पष्ट है—इन सुविधाओं का असर सीधे लोगों के घर, स्वास्थ्य, समय और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है। ऐसे में किसी वार्ड में निर्माण कार्य शुरू होना केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि नागरिकों की अपेक्षाओं से जुड़ा कदम भी होता है।

वार्ड 17 की योजना के बीच विकास कार्यों में भेदभाव को लेकर सामने आए आरोप और उन पर राणा ओझा की प्रतिक्रिया ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर चर्चा को एक नया आयाम दिया है। अब निगाहें इस बात पर रहेंगी कि विभिन्न वार्डों में विकास योजनाओं का क्रियान्वयन किस तरह आगे बढ़ता है और नागरिकों की समस्याओं का समाधान कितनी प्रभावी ढंग से होता है।

राजनीतिक बयान अपनी जगह हैं, लेकिन जनता के लिए सबसे अहम सवाल यही है कि सड़क कब बेहतर होगी, नाली से पानी की निकासी कितनी सुचारु होगी और निर्माण कार्य की गुणवत्ता कैसी रहेगी।

शिलान्यास में कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद

कार्यक्रम में वार्ड पार्षद निभा देवी, कृष्णा शर्मा, पूनम देवी, तनु दास, राखी सरदारिन, चेनू बीवी, राबिया बीवी, अनिकेत गोस्वामी, रियाज अंसारी, राजा अंसारी, विमल चंद्र राउत और गुड्डू कुमार भगत सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा सहायक अभियंता पियुस शंकर, कनीय अभियंता साहिद सिद्दीकी, बिमल कुमार, संवेदक गुलाम अहमद तथा स्थानीय लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

अब वादों से आगे, काम की गुणवत्ता पर रहेगी नजर

वार्ड 17 में सड़क-सह-नाली निर्माण की शुरुआत ने स्थानीय लोगों के बीच नई उम्मीद जगाई है। लेकिन किसी भी योजना की वास्तविक सफलता शिलान्यास समारोह से नहीं, बल्कि उसके पूरा होने और जनता को मिलने वाली सुविधा से तय होती है।

पाकुड़ के नागरिकों की अपेक्षा स्वाभाविक है कि निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा हो, जल निकासी की समस्या का प्रभावी समाधान निकले और विकास का लाभ बिना किसी भेदभाव के सभी वार्डों तक पहुंचे।

आखिरकार, विकास का सबसे विश्वसनीय प्रमाण राजनीतिक बयान नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाला बदलाव होता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

Recent Comments