नब्बे दिवसीय विधिक जागरूकता अभियान के तहत चला विशेष कार्यक्रम
पाकुड़। झालसा रांची के निर्देशानुसार चल रहे नब्बे दिवसीय गहन विधिक जागरूकता एवं जनसंपर्क अभियान के तहत मंडल कारा पाकुड़ में एक महत्वपूर्ण विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) पाकुड़ के तत्वाधान में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम का संचालन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार पाकुड़ दिवाकर पांडेय के निर्देश पर तथा डालसा सचिव रूपा बंदना किरो के मार्गदर्शन में किया गया। इस दौरान जेल में बंद विचाराधीन कैदियों को उनके अधिकारों और कानूनी सहायता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं।
कैदियों को बताए गए कानूनी अधिकार और जमानत प्रक्रिया
कार्यक्रम के दौरान लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के सहायक अज़फर हुसैन विश्वास ने जेल में बंद विचाराधीन कैदियों को विस्तारपूर्वक उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति को न्याय पाने का अधिकार है और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए सरकार द्वारा निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
उन्होंने कैदियों को जमानत की प्रक्रिया, अदालत में कानूनी प्रतिनिधित्व, मुकदमों की सुनवाई तथा विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से समझाया। इस दौरान यह भी बताया गया कि कई बार जानकारी के अभाव में लोग अपने अधिकारों का लाभ नहीं उठा पाते, इसलिए कानून की बुनियादी जानकारी प्रत्येक व्यक्ति के लिए आवश्यक है।
संवाद के माध्यम से सुनी गई बंदियों की समस्याएं
कार्यक्रम केवल जागरूकता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें बंदियों के साथ संवाद भी स्थापित किया गया। कैदियों ने अपनी कानूनी परेशानियों, मुकदमों और प्रक्रियाओं से जुड़ी कई बातें साझा कीं, जिन्हें गंभीरता से सुना गया।
इस दौरान अधिकारियों ने कहा कि न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करना जिला विधिक सेवा प्राधिकार का प्रमुख उद्देश्य है। बंदियों को यह भरोसा दिलाया गया कि यदि किसी व्यक्ति के पास आर्थिक संसाधनों की कमी है, तब भी वह न्याय से वंचित नहीं रहेगा।
निःशुल्क कानूनी सहायता की दी गई विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा गरीब, जरूरतमंद, महिला, बच्चे, अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग सहित विभिन्न श्रेणियों के लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान की जाती है।
बंदियों को यह भी बताया गया कि वे आवश्यकता पड़ने पर डालसा के माध्यम से अधिवक्ता की सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही उन्हें कानूनी प्रक्रियाओं को सरल तरीके से समझाने का प्रयास किया गया ताकि वे अपने मामलों को बेहतर तरीके से समझ सकें।
जेल प्रशासन और पारा लीगल वॉलिंटियर्स की रही मौजूदगी
इस विधिक जागरूकता कार्यक्रम के दौरान जेल प्रशासन के अधिकारी भी मौजूद रहे। साथ ही पारा लीगल वॉलिंटियर्स रानी साहा एवं एजारुल शेख ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के अंत में यह संदेश दिया गया कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक कानून की जानकारी पहुंचाना बेहद जरूरी है, ताकि लोग अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बन सकें और न्याय प्रणाली पर उनका विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।


